Fight For Rs. 2000 Note : 2000 रुपये का नोट देने पर भड़का ऑटो ड्राइवर, सवारी की कर दी पिटाई

Published On: May 21, 2023
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गाजियबाद : देश में एक बार फिर नोटबंदी जेसा फैसला लिया गया है। हालांकि उस बार सरकार के और काफी वक्त दिया गया है। इस बार 2000 रुपये के नोट पर केंची चली है। 

भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से 2000 के नोटों को वापस लिए जाने के आदेश के बाद बैंकों ने तैयारी शुरू कर दी है। 23 मई से नोट बदले जाएंगे। 

इस बीच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कहा कि ग्राहकों को अपने 2000 रुपये के नोटों को बदलने के लिए कोई आईडी कार्ड जमा करने या कोई फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। 

हालांकि गाइडलाइन के मुताबिक दो हजार के सिर्फ 10 नोट ही बदले जा सकेंगे।

गाजियाबाद में 2000 पर पिटाई

गाजियाबाद के मोदीनगर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ऑटो में बैठने के बाद एक यात्री ने ऑटो चालक को किराए काटने के लिए 2000 का नोट दिया, जिसपर चालक ने नोट बैन होने की बात कहकर लेने से मना कर दिया। 

इस बीच दोनों के बीच विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई।

दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया की ऑटो चालक ने व्यक्ति की पिटाई कर दी। दरअसल सरकार की और नोट वापसी के फैसले के बाद लोग असंमजस में है।

UP : गाजियाबाद के मोदीनगर में व्यक्ति ने ऑटो चालक को दिए 2,000 रुपए का नोट, चालक ने व्यक्ति की कर दी पिटाई

2000 Rupee Note | #UttarPradesh pic.twitter.com/FG0DQaEEWK

— News24 (@news24tvchannel) May 21, 2023

आरबीआई ने नोटों को वापस लेने का लिया फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को 2000 रुपए के नोटों को पास लेने का फैसला लिया है। हालांकि ये लीगल टेंडर रहेंगे। 

आरबीआई ने बैंकों को भी दो हजार के नोट जारी न करने की सलाह दी है। 

आरबीआई ने कहा कि लोग 30 सितंबर 2023 तक किसी भी बैंक शाखा में अपने बैंक खातों में 2000 रुपये के नोट जमा कर सकेंगे। 23 मई से ये प्रक्रिया शुरू होगी।

2018 से नहीं छापे गए दो हजार के नोट

2016 के नवंबर माह में नोटबंदी हुई थी। तब 500 और हजार रुपए के नोटों को बंद कर दिया गया था। इनके बदले नए नोट जारी किए गए। 

उसी वक्त 2000 का नोट बाजार में आया था। 2018-19 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी गई।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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