Punjab News: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और नाराजगी की खबरों के बीच अब सुरक्षा को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आ गया है।
पंजाब सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और AAP सांसद हरभजन सिंह (भज्जी) की Y कैटेगरी सुरक्षा वापस ले ली है। उनके जालंधर स्थित आवास पर तैनात पंजाब पुलिस के सुरक्षाकर्मियों को तुरंत हटा लिया गया। हालांकि इसके कुछ ही समय बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF की सुरक्षा प्रदान कर दी और केंद्रीय बल के जवान उनके घर के बाहर तैनात कर दिए गए हैं।
भज्जी ने अभी तक औपचारिक रूप से AAP छोड़ने या किसी अन्य दल में शामिल होने को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के अंदर चल रही हलचल के बीच उनका नाम लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। इससे पहले AAP नेता Raghav Chadha की सुरक्षा भी पंजाब सरकार द्वारा वापस ली गई थी, जिसके बाद उन्हें भी केंद्र की ओर से सुरक्षा दी गई थी।
इसी बीच AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांगा था। उन्होंने बताया कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार भी हो गए थे, लेकिन उनके सलाहकारों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। साहनी ने पंजाब की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य इस समय “ICU” में है और उसे मजबूत केंद्रीय सहयोग की जरूरत है।
वहीं, पार्टी में बने रहने वाले सांसद संत सीचेवाल ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने उन्हें 16 से 18 अप्रैल के बीच चाय पर बुलाकर एक “आजाद ग्रुप” बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। सीचेवाल ने साफ कहा कि वह किसी अलग गुट का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
इन घटनाओं ने AAP के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है। एक तरफ नेताओं के इस्तीफे और बयानों से असंतोष सामने आ रहा है, तो दूसरी ओर सुरक्षा को लेकर लिए जा रहे फैसले सियासी टकराव को और तेज कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, जिससे पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ने की संभावना है।













