Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक और बौद्धिक विकास को मजबूत करने के लिए नई पहल शुरू की है। अब राज्य के सभी 14,267 सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से अखबार पढ़ाए जाएंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि कई विद्यार्थी केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रह जाते हैं, जिसके कारण उनकी करंट अफेयर्स, भाषा कौशल और व्यावहारिक समझ कमजोर रह जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी में कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार उपलब्ध करवाना अनिवार्य किया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगा लाभ
विभाग का मानना है कि बदलते समय में केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं, इंटरव्यू और करियर निर्माण के लिए विद्यार्थियों को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक घटनाओं की जानकारी होना भी जरूरी है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगी, जिन्हें सामान्यतः समाचार और समसामयिक जानकारी तक सीमित पहुंच मिल पाती है।
भाषा कौशल और आत्मविश्वास में होगा सुधार
अधिकारियों के अनुसार, नियमित समाचार-पत्र पढ़ने से विद्यार्थियों की शब्दावली मजबूत होगी, पढ़ने की आदत विकसित होगी और उनकी संवाद क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
स्कूलों में होंगी विशेष गतिविधियां
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में कई शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। इनमें न्यूज रीडिंग सेशन, करंट अफेयर्स क्विज, डिबेट प्रतियोगिता, न्यूज एनालिसिस, निबंध लेखन, हेडलाइन लेखन, वॉल मैगजीन और “आज का समाचार” जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।








