Haryana: हरियाणा के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक का निधन, 104 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Published On: May 22, 2026
Follow Us

हरियाणा के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक सहीराम धारणिया का 104 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजन और रिश्तेदार उनके आवास पर पहुंचने लगे और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर सिरसा जिले के सकत्ता खेड़ा गांव में बिश्नोई समाज की परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनकी बेटी जोधपुर से अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंच रही है।

सहीराम धारणिया वर्ष 1957 में अबोहर विधानसभा सीट से जनसंघ के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वे बिश्नोई समाज से विधायक बनने वाले पहले व्यक्ति माने जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का नेतृत्व भी किया और करीब 40 वर्षों तक इसके अध्यक्ष रहे।

समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले धारणिया ने शिक्षा, सामाजिक सुधार और पुनर्वास कार्यों में अहम योगदान दिया। परिवार के अनुसार उन्हें अखबार पढ़ने का बेहद शौक था और उन्होंने लंबे समय तक वकालत भी की।

बिश्नोई महासभा, हिसार के प्रधान जगदीश कड़वासरा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से समाज को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी समाज के प्रतिनिधि अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

परिवार के अनुसार, सहीराम धारणिया का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की बहावलपुर रियासत के तालिया गांव में हुआ था। विभाजन के बाद वे भारत आ गए और उन्होंने पुनर्वास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। बताया जाता है कि वे हजारों लोगों को भारत लाने और उनके पुनर्वास में भी शामिल रहे।

उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, लाहौर से कानून की पढ़ाई की थी और बाद में विभाजन के बाद शिमला और फिर चंडीगढ़ में विश्वविद्यालय स्थानांतरित हुआ। वे 1948 के आसपास हरियाणा के डबवाली क्षेत्र के सकत्ता खेड़ा में बस गए थे।

वर्ष 1957 में उन्होंने अबोहर से विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया, लेकिन बाद में सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर रहकर समाजसेवा को प्राथमिकता दी। वे हिंदी आंदोलन में भी सक्रिय रहे और इस दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। पत्नी रामेश्वरी देवी का निधन लगभग 10 वर्ष पहले हो चुका था। परिवार के अनुसार, उन्होंने 12 जनवरी को अपना अंतिम जन्मदिन भी मनाया था।

google-site-verification: google37146f9c8221134d.html

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment