Vinesh Phogat: दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट मामले में WFI को लगाई फटकार, कही ये बात

Published On: May 22, 2026
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Vinesh Phogat: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से रोकने पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि देश में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी खिलाड़ी के साथ भेदभावपूर्ण रवैया नहीं अपनाया जाना चाहिए।

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि मामले की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों का पैनल गठित किया जाए। अदालत ने कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रहीं विनेश फोगाट को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का अवसर मिलना चाहिए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि जब पहले भी कई नामी खिलाड़ियों को नियमों में छूट दी गई है, तो फिर विनेश फोगाट के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी खेल संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए।

WFI ने लगाया था प्रतिबंध

भारतीय कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देते हुए विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। इसके खिलाफ विनेश ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।

गोंडा टूर्नामेंट से पहले मिला नोटिस

उत्तर प्रदेश के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचीं विनेश ने आरोप लगाया था कि उन्हें जानबूझकर प्रतियोगिता से पहले शो-कॉज नोटिस दिया गया।

उन्होंने कहा था कि उन्होंने 27 अप्रैल को ही टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन मुकाबले से ठीक पहले नोटिस भेजा गया। विनेश ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें कुश्ती से दूर करना चाहते हैं।

वकील ने कहा- खेल को नुकसान न पहुंचे

विनेश फोगाट की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि विवाद चाहे जो भी हो, उसका असर खेल और खिलाड़ियों के करियर पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि विनेश जुलाई 2025 में मां बनी थीं और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की तैयारी कर रही हैं।

वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि चयन मानदंड में लचीलापन दिखाते हुए उन्हें ट्रायल में हिस्सा लेने दिया जाए। अदालत ने भी कहा कि खेल के हित सर्वोपरि होने चाहिए और खिलाड़ियों के साथ संवेदनशील व्यवहार जरूरी है।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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