Haryana: हरियाणा में इन कर्मचारियों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने सुनाया ये फैसला

Published On: May 8, 2026
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Haryana News: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत हजारों कच्चे, अनुबंधित और अस्थायी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने नियमितीकरण से जुड़े 98 मामलों की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सभी कर्मचारियों के दावों की नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए हैं।

खंडपीठ ने कहा कि अब कर्मचारियों के नियमितीकरण पर फैसला पुरानी नीतियों की सामान्य व्याख्या के आधार पर नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 को दिए गए “मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य” फैसले के अनुसार किया जाएगा।

छह महीने में देना होगा फैसला

जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने राज्य सरकार, बिजली निगमों, नगर निगमों, हाउसिंग बोर्ड और अन्य सार्वजनिक संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक कर्मचारी के मामले की अलग-अलग जांच कर छह महीने के भीतर कारणयुक्त आदेश जारी किया जाए।

कर्मचारियों की सेवा पर फिलहाल असर नहीं

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित कर्मचारी के नियमितीकरण पर अंतिम प्रशासनिक फैसला नहीं हो जाता, तब तक उसकी मौजूदा सेवा स्थिति में कोई प्रतिकूल बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी फिलहाल कर्मचारियों को नौकरी से हटाने या सेवा शर्तों में नुकसान पहुंचाने जैसी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।

पुरानी नीतियों पर भी होगी समीक्षा

अदालत ने कहा कि अब 1996, 2003, 2011, 2014 और 2024 की नियमितीकरण नीतियों पर भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय संवैधानिक सिद्धांतों के तहत विचार किया जाएगा।

कोर्ट ने माना कि ‘उमा देवी’ फैसले और उसके बाद ‘योगेश त्यागी’ विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या के बाद राज्य सरकार को प्रत्येक कर्मचारी की पात्रता, सेवा रिकॉर्ड और नीति की वैधता के आधार पर फैसला लेना होगा।

कर्मचारियों को देना होगा अभ्यावेदन

अदालत ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के दो सप्ताह के भीतर अपने संबंधित विभाग को विस्तृत अभ्यावेदन दें। इसके बाद विभाग उनके मामलों की समीक्षा करेगा।

सरकार ने कोर्ट में दिया आश्वासन

सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी मामलों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने विस्तृत बहस की बजाय प्रक्रिया को प्रशासनिक पुनर्विचार के लिए भेज दिया।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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