Haryana News: हरियाणा सरकार किसानों को पानी की बचत और आधुनिक सिंचाई अपनाने के लिए “ऑन-फार्म वाटर टैंक निर्माण वित्तीय सहायता योजना” चला रही है। इस योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कम पानी में ज्यादा उत्पादन लेकर किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
सामुदायिक और व्यक्तिगत दोनों को लाभ
योजना के तहत किसान व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों प्रकार के वॉटर टैंक बना सकते हैं। चार या अधिक किसानों द्वारा मिलकर बनाए गए टैंक को सामुदायिक टैंक माना जाएगा, जिस पर 85% तक सब्सिडी मिलेगी। वहीं, व्यक्तिगत टैंक पर 70% तक अनुदान दिया जाएगा।
माइक्रो इरिगेशन सिस्टम अनिवार्य
सरकार ने शर्त रखी है कि सामुदायिक टैंक से जुड़े कम से कम 75% क्षेत्र और व्यक्तिगत टैंक के मामले में 50% भूमि पर माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लागू करना जरूरी होगा। इस योजना का लाभ केवल भूमि मालिक किसानों को ही मिलेगा।
1.05 लाख से 8.40 लाख रुपये तक सहायता
2 एकड़ से 50 एकड़ तक की भूमि के लिए टैंक निर्माण पर सहायता दी जाएगी। इसमें न्यूनतम 1.05 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 8.40 लाख रुपये तक की लागत पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन, बड़े क्षेत्र को प्राथमिकता
योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जिन किसानों द्वारा अधिक क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन अपनाया जाएगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
तीन चरणों में मिलेगी सब्सिडी
विजय पाल सिंह के अनुसार, सहायता राशि तीन चरणों में जारी होगी। पहले चरण में खुदाई के बाद 20 प्रतिशत, दूसरे चरण में निर्माण पूरा होने पर 40 प्रतिशत और अंतिम 40 प्रतिशत राशि माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगाने के बाद दी जाएगी।








