Hisar Airport: हरियाणा के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से आज 16 अप्रैल, गुरुवार से नए शेड्यूल के तहत नियमित उड़ान सेवाएं शुरू हो गई हैं। इस नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को सप्ताह में छह दिन दिल्ली, चंडीगढ़, अयोध्या और जयपुर के लिए उड़ानों की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार यह शेड्यूल 30 अप्रैल तक लागू रहेगा।
देखें नया शेड्यूल
नए शेड्यूल के मुताबिक गुरुवार को जयपुर से आने वाली फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे हिसार पहुंचेगी, जबकि हिसार से जयपुर के लिए उड़ान 3:05 बजे रवाना होगी। इस व्यवस्था में हर शहर के लिए सप्ताह में दो दिन उड़ान सेवाएं निर्धारित की गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
पिछले कुछ समय से मौसम और अन्य कारणों के चलते कई रूट्स पर उड़ान सेवाएं बाधित हो रही थीं, खासकर जयपुर रूट पर असर ज्यादा देखा गया। अब नई समय-सारिणी लागू होने के बाद इन प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें बहाल कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
रूटवार समय-सारिणी के अनुसार, दिल्ली-अयोध्या रूट पर शुक्रवार और रविवार को उड़ानें संचालित होंगी। दिल्ली से सुबह 10:55 बजे उड़ान भरकर विमान 11:40 बजे हिसार पहुंचेगा, इसके बाद 12:05 बजे अयोध्या के लिए रवाना होकर 2:05 बजे पहुंचेगा। वापसी में अयोध्या से 2:30 बजे उड़ान भरकर 4:30 बजे हिसार पहुंचेगा और फिर 4:55 बजे दिल्ली के लिए रवाना होकर 5:40 बजे पहुंचेगा।
चंडीगढ़ रूट पर सोमवार और बुधवार को उड़ानें संचालित होंगी। इस रूट पर दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए विमान दोपहर 1:50 बजे रवाना होकर 4:05 बजे हिसार पहुंचेगा, जबकि हिसार से चंडीगढ़ के लिए 4:30 बजे उड़ान भरकर 5:15 बजे पहुंचा जाएगा।
वहीं जयपुर–कुल्लू रूट पर मंगलवार और गुरुवार को सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इस रूट पर जयपुर से (कुल्लू होकर) विमान 1:40 बजे उड़ान भरकर 2:40 बजे हिसार पहुंचेगा, जबकि हिसार से जयपुर के लिए 3:05 बजे उड़ान भरकर 4:05 बजे पहुंचा जाएगा।
इन उड़ानों का संचालन Alliance Air द्वारा किया जाएगा, जिसमें एटीआर-72 और एटीआर-42 जैसे क्षेत्रीय विमान इस्तेमाल किए जाएंगे। समय की बात करें तो हिसार से दिल्ली की दूरी लगभग 45 मिनट में तय होगी, अयोध्या के लिए करीब 2 घंटे, चंडीगढ़ के लिए 1 घंटा 5 मिनट और जयपुर के लिए लगभग 1 घंटे का समय लगेगा।
नई उड़ान सेवाओं के शुरू होने से हिसार और आसपास के क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।








