हिसार: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत ने पूरे देश को शोक और गुस्से में डुबो दिया। इस हमले में हरियाणा के करनाल निवासी नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शहीद हुए। इस दुखद माहौल के बीच, हिसार की चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि यूनिवर्सिटी (HAU) में पंजाबी सिंगर गुरदास मान का कार्यक्रम आयोजित करने पर विवाद खड़ा हो गया है। इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम में होने वाले इस शो, जिसका नाम ‘दिल दा मामला’ है, के लिए 8000 रुपये तक की टिकट और शहर में लगे पोस्टरों ने लोगों का गुस्सा भड़का दिया।
विवाद की शुरुआत
शहर और HAU कैंपस में ‘दिल दा मामला’ के पोस्टर लगने के बाद लोगों ने इस कार्यक्रम पर सवाल उठाए। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसमें हरियाणा का एक सपूत भी शामिल था। ऐसे में रंगारंग कार्यक्रम को लोग अनुचित मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसकी आलोचना हो रही है, और लोग इसे शहीदों और मृतकों के प्रति असंवेदनशीलता बता रहे हैं।
- टिकट की कीमत: आयोजकों ने टिकट की कीमत 1000 से 8000 रुपये रखी है।
- कार्यक्रम का समय: शो आज, 26 अप्रैल 2025, शाम 7 बजे इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम में होगा।
- प्रचार: शहर में बैनर-पोस्टर और सोशल मीडिया पर जोरदार प्रचार किया गया।
लोगों का गुस्सा
हिसार के स्थानीय लोगों का कहना है कि जब देश शोक में डूबा है, तब HAU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसा आयोजन गलत है। हरियाणा के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की शहादत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। लोग सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन से माँग कर रहे हैं कि कार्यक्रम रद्द किया जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
1. इनेलो नेता अभय चौटाला
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने इस आयोजन पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “देश में शोक की लहर है, और हिसार HAU में गुरदास मान का कार्यक्रम शर्मनाक है। यह शहीदों का अपमान है। यूनिवर्सिटी प्रशासन को तुरंत इसे रद्द करना चाहिए।”
2. कांग्रेस नेता कृष्ण सिंगला टीटू
हिसार से कांग्रेस के मेयर उम्मीदवार कृष्ण सिंगला टीटू ने भी इस कार्यक्रम की निंदा की। उन्होंने कहा:
- “देश शहादत पर शोक मना रहा है, और HAU में मस्ती का आयोजन ठीक नहीं। कम से कम 10 दिन तो रुकना चाहिए था।”
- “यह कोई छोटी त्रासदी नहीं है। उन परिवारों पर क्या बीत रही होगी, जिन्होंने अपनों को खोया?”
- सिंगला ने 1995 के डबवाली अग्निकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि तब भजनलाल सरकार ने हिसार में एक बड़ा सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिया था।
पुलिस का हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने के बाद हिसार पुलिस सक्रिय हो गई। SP शशांक कुमार सावन ने आयोजकों से कार्यक्रम की पूरी जानकारी माँगी, जिसमें शामिल हैं:
- शो में बजने वाले गानों की सूची।
- आयोजन की अनुमति और सुरक्षा इंतजाम। पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और आयोजकों से संपर्क किया, लेकिन आयोजकों से बात नहीं हो सकी।
HAU प्रशासन का जवाब
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस विवाद से पल्ला झाड़ लिया। उनका कहना है:
- यह एक प्राइवेट आयोजन है, जिसका HAU से कोई संबंध नहीं।
- इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम को किराए पर दिया गया था, और आयोजकों ने कई दिन पहले अनुमति ले ली थी।
- कोई भी संस्था या व्यक्ति ऑडिटोरियम किराए पर ले सकता है।
हालांकि, प्रशासन ने यह नहीं बताया कि क्या शोक के माहौल को देखते हुए अनुमति रद्द की जाएगी।
आयोजकों की चुप्पी
पोस्टर पर दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन आयोजकों से बात नहीं हो सकी। आयोजकों ने लाखों रुपये खर्च कर ऑडिटोरियम बुक किया और टिकट बिक्री शुरू कर दी, लेकिन विवाद के बाद वे सामने नहीं आए।










