हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने अपनी ई-नीलामी नीति में 2025 में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त नियंत्रण को सुनिश्चित करना है। नई नीति आज 4 अक्टूबर 2025 को प्रभावी हो गई है, जिसका सीधा असर हरियाणा के रियल एस्टेट बाजार पर पड़ेगा।
प्रमुख बदलाव: रद्द भूखंडों की पुनर्नीलामी और लागू सख्त प्रावधान
एसवीपी की नई नीलामी प्रक्रिया के तहत, यदि कोई भूखंड नियमों का उल्लंघन करने पर रद्द किया जाता है, तो उसे 60 दिन के भीतर पुनर्नीलामी के लिए अनिवार्य रूप से लाया जाएगा। इसका मकसद मार्केट में उपलब्ध भूखंडों की गति को बनाए रखना है ताकि अवसरों की कमी न हो।
पुरानी बोली से कम प्रस्ताव आने पर भी नया उच्चतम दाम लगाने वाले को संपत्ति आवंटित की जाएगी, जबकि पूर्व आवंटी की जमा राशि (Earnest Money Deposit – EMD) जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा, जमा राशि पर किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं दिया जाएगा।
ऐसे विजेताओं से जो भुगतान में चूक करते हैं, मूल बोली राशि का 10% या नयी और पुरानी बोली के बीच कम राशि जब्त करने का प्रावधान रखा गया है, ताकि दावेदारी में गंभीरता बनी रहे।
प्रॉपर्टी सरेंडर पर कड़ी पेनाल्टी और भुगतान की तय टाइमलाइन
HSVP ने अपनी संपत्ति सरेंडर नीति भी संशोधित की है। यदि आवंटितकर्ता पहली वर्ष में संपत्ति छोड़ते हैं तो 15% राशि जब्त होती है। एक से दो साल के अंदर सरेंडर पर यह कटौती बढ़कर 25% हो जाती है। तीन वर्षों के बाद यह नुकसान 50% तक पहुंचता है। यह बदलाव अव्यवस्था और बेईमानी रोकने के लिए है।
पैमेन्ट शेड्यूल भी स्पष्ट करते हुए यह तय किया गया है कि:
10% अग्रिम धनराशि जमा करने के 30 दिन के अंदर 15% और देना होगा।
शेष 75% राशि को छोटे व्यवसायिक प्लॉट या आवासीय संपत्ति में 120 दिनों के भीतर चुकाना होगा।
बड़े प्रोजेक्ट जैसे ग्रुप हाउसिंग को अतिरिक्त 120 दिन का लाभ मिलेगा, केवल यदि देय तारीख 13 मई 2025 तक हो।
कॉम्प्लेक्स और संस्थागत संपत्तियों के लिए भुगतान विकल्प
कॉमर्शियल प्रॉपर्टी आवंटियों को अब 120 दिनों में पूरी राशि चुकाने का विकल्प दिया गया है, या 12% ब्याज के साथ छह अर्ध-वार्षिक किश्तों में भुगतान का विकल्प। वहीं अस्पताल, स्कूल, नर्सिंग होम जैसे संस्थागत आवंटियों को 180 दिन का भुगतान समय मिलेगा, या तीन वार्षिक किश्तों में 12% ब्याज के साथ भुगतान की सुविधा।
HSVP अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे जिससे नियम तोड़े जाने की संभावना कम हो।









