Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर जिले में पश्चिमी यमुना नहर के किनारे बसा कांजनू गांव आज विकास, विश्वास और भाईचारे की एक मिसाल बनकर उभरा है। करीब 2000 की आबादी वाला यह गांव सुविधाओं के मामले में किसी शहर के पॉश एरिया से कम नहीं दिखता। इस बदलाव के पीछे गांव की स्नातक सरपंच रिंपी कांबोज के प्रयास प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने बेटियों के सम्मान और समग्र विकास को केंद्र में रखकर काम किया है।
बेटियों को दिया जा रहा विशेष सम्मान
गांव में बेटियों को जन्म से पहले और बाद तक विशेष देखभाल और सम्मान दिया जाता है। यहां हर बेटी के जन्म पर 5100 रुपये का शगुन दिया जाता है। इतना ही नहीं, सरपंच को मिलने वाला मानदेय भी बेटियों के नाम समर्पित किया जाता है। गांव में बेटियों का लिंगानुपात भी बेहद सकारात्मक है, जहां 1000 लड़कों पर करीब 1400 लड़कियां हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं में गांव बना हाईटेक
कांजनू गांव में सुरक्षा के लिए 35 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। सफाई व्यवस्था बेहतर है और गलियों की नालियां स्लैब से ढकी हुई हैं। गांव की फिरनी पर सीवरेज लाइन बिछाई गई है और नियमित सफाई के लिए कर्मचारी तैनात हैं। ग्रामीणों के लिए सात चौपालों की व्यवस्था भी की गई है।
खेल और युवाओं पर विशेष ध्यान
बेटियों को खेलों से जोड़ने के लिए हॉकी टीम का गठन किया गया है, जिसमें 25 लड़कियां नियमित अभ्यास कर रही हैं। उनके लिए महिला कोच भी नियुक्त की गई है। हाल ही में टीम ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए करीब 8 एकड़ में खेल मैदान विकसित किया जा रहा है।
पार्क और सामुदायिक विकास की पहल
ग्रामीणों के लिए दो एकड़ में बलिदानी ऊधम सिंह पार्क बनाया गया है, जहां सुबह-शाम लोग सैर करते हैं। गांव में विकास कार्यों से पहले प्रबुद्धजनों से विचार-विमर्श किया जाता है, जिससे सभी की सहमति से योजनाएं लागू होती हैं।

गांव में ही सुलझते हैं विवाद
गांव में विभिन्न जाति और धर्म के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। किसी भी विवाद को थाने तक ले जाने के बजाय गांव में ही आपसी सहमति से सुलझा लिया जाता है, जिससे भाईचारा मजबूत बना हुआ है।
प्रशासन ने भी की सराहना
सरपंच रिंपी कांबोज की इस पहल को प्रशासनिक स्तर पर भी सराहा गया है। उन्हें पिछले वर्ष जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हो रहे विकास कार्य और सुविधाएं इसे एक आदर्श गांव बनाती हैं।








