Haryana News: हरियाणा के हिसार में सब्जी मंडी पुल पर हुए विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) से जुड़े स्थानीय नेता रणधीर सिंह पूनिया ने पार्टी से इस्तीफा देकर इस मामले को और तूल दे दिया है। यह विवाद जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर पवन कुमार के बीच कथित कहासुनी से जुड़ा हुआ है।
रणधीर सिंह पूनिया, जो इंस्पेक्टर पवन कुमार के ससुर भी हैं, ने मीडिया से बातचीत में दुष्यंत चौटाला के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दुष्यंत द्वारा लगाए गए बदसलूकी और हथियार दिखाने जैसे आरोप “झूठ का पुलिंदा” हैं। पूनिया ने स्पष्ट कहा कि यदि उनके दामाद की गलती साबित होती है, तो वह स्वयं उसका इस्तीफा दिलवाएंगे।
पूनिया के अनुसार, घटना के बाद दुष्यंत चौटाला ने उन्हें फोन कर पवन कुमार पर दुर्व्यवहार और गाड़ी रोकने जैसे आरोप लगाए थे। इस पर पूनिया ने जांच की बात कही और पवन कुमार को साथ लेकर मिलने की पेशकश की। उनका दावा है कि इस पर दुष्यंत ने नाराज़गी जताते हुए दोबारा संपर्क न करने की बात कही।
घटना को लेकर पूनिया ने कहा कि उपलब्ध वीडियो में उनके दामाद की कोई गलती नजर नहीं आती। उनके मुताबिक, पवन कुमार ने केवल भीड़भाड़ के चलते वाहन सावधानी से चलाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान दुष्यंत चौटाला के साथ मौजूद दिग्विजय ने एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की।
रणधीर सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वह किशोरावस्था से ही चौटाला परिवार के साथ जुड़े रहे हैं और पार्टी के लिए संघर्ष भी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है, जिससे नाराज़ होकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
उन्होंने दुष्यंत चौटाला की आलोचना करते हुए कहा कि एक वरिष्ठ नेता को इस तरह एक पुलिस अधिकारी से उलझना शोभा नहीं देता। पूनिया ने संकेत दिया कि वह जल्द ही अपने समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।







