Haryana: हरियाणा में चिराग योजना में बड़ा बदलाव, इतनी घटी आय सीमा

Published On: April 1, 2026
Follow Us

Haryana News: हरियाणा सरकार ने Chirag Yojana (चिराग योजना) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब केवल वही बच्चे निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का लाभ ले सकेंगे, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। इससे पहले शिक्षा विभाग ने जनवरी में इस सीमा को बढ़ाकर 8 लाख रुपये तक करने का फैसला लिया था, लेकिन अब इसे वापस ले लिया गया है।

शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए 1108 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कुल 47,255 सीटें तय की हैं। इन सीटों पर कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। कक्षा 6 के लिए 7,340 सीटें, 7वीं के लिए 7,146, 8वीं के लिए 7,186, 9वीं के लिए 7,168 और 10वीं के लिए 6,863 सीटें निर्धारित की गई हैं। वहीं 11वीं के लिए 5,829 और 12वीं के लिए 5,723 सीटें उपलब्ध होंगी।

दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य कर दिया गया है, और उसी में दर्ज सत्यापित आय को आधार माना जाएगा। साथ ही यह भी जरूरी है कि छात्र ने पिछली कक्षा सरकारी स्कूल से पास की हो और उसी क्षेत्र (खंड) के मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में ही दाखिला ले सके। पिछले स्कूल से स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) लेना भी अनिवार्य होगा। सरकार केवल उन्हीं स्कूलों की फीस की प्रतिपूर्ति करेगी, जो निर्धारित प्रक्रिया (फॉर्म-6) का पालन करेंगे।

दाखिला प्रक्रिया की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च थी, जिसके बाद 1 से 5 अप्रैल के बीच ड्रा निकाला जाएगा। चयनित छात्रों के दाखिले 15 अप्रैल तक पूरे करने होंगे और उनकी सूची स्कूल नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। इसके बाद 16 से 30 अप्रैल तक प्रतीक्षा सूची के छात्रों को खाली सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।

इसके अलावा, नियम 134A के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को पढ़ाने वाले निजी स्कूलों को राहत देते हुए सरकार ने सात जिलों—अंबाला, गुरुग्राम, फतेहाबाद, कैथल, महेंद्रगढ़, पंचकूला और रोहतक—के स्कूलों को करीब 32 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति राशि जारी की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे छात्रों और निजी स्कूलों दोनों को आर्थिक राहत मिलेगी।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment