हरियाणा में दो दिन की लगातार बारिश के बाद शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। हरियाणा के अधिकांश जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। खासकर सोनीपत और पानीपत जैसे शहरों में विजिबिलिटी जीरो तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
इसके अलावा हिसार, फतेहाबाद, फरीदाबाद, भिवानी, नूंह और गुरुग्राम में भी घनी धुंध देखने को मिली। 19-20 मार्च को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में करीब 180 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है। लगातार बारिश, बादल और ठंडी हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय ठिठुरन भी बढ़ गई है।
धुंध का असर यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। खराब विजिबिलिटी के चलते करीब 18 ट्रेनें देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस लगभग 4 घंटे लेट रही, जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस भी करीब 20 मिनट की देरी से चली।
सड़क यातायात भी इससे अछूता नहीं रहा। पानीपत में दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर धुंध के कारण कई वाहन आपस में टकरा गए, जिससे लंबा जाम लग गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब एक महीने बाद फिर से इतनी घनी धुंध देखने को मिली है। इससे पहले 21 फरवरी को कुछ जिलों में कोहरा पड़ा था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, रात में जमीन ठंडी होने से उसके संपर्क में आने वाली हवा भी ठंडी हो जाती है, जिससे कोहरे और ठिठुरन की स्थिति बनती है।
दिन के तापमान में भी गिरावट जारी है। अंबाला में अधिकतम तापमान करीब 19°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 10°C कम है। वहीं करनाल, हिसार और रोहतक में तापमान 22 से 23°C के बीच बना रहा।






