Haryana News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के अंतिम अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से नोएडा का सफर, जो वर्तमान में सड़क मार्ग से करीब डेढ़ से दो घंटे तक लेता है, घटकर महज 38 से 40 मिनट रह जाएगा। वहीं गुरुग्राम से फरीदाबाद की दूरी भी लगभग 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जो अभी एक घंटे से अधिक समय लेती है। नमो भारत ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी और हर 5 से 7 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी, जिससे सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी।
रूट प्लान के अनुसार, गुरुग्राम सेक्शन 14.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी शुरुआत इफ्को चौक से होगी। यह मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ेगा। फरीदाबाद सेक्शन करीब 16 किलोमीटर लंबा होगा, जो सैनिक कॉलोनी, एनआईटी और बाटा चौक जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा और बादशाहपुर के पास तक पहुंचेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एफएनजी एक्सप्रेसवे के माध्यम से सेक्टर 141/168 क्षेत्र से जोड़ते हुए इसका अंतिम स्टेशन सूरजपुर जंक्शन होगा।
कुल 64 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का लगभग 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में आएगा। इस रूट पर 18 आधुनिक स्टेशन विकसित किए जाएंगे। परियोजना की एक खास विशेषता यह है कि इसे डुअल मॉडल सिस्टम पर तैयार किया जाएगा, जिसमें एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड आरआरटीएस और लोकल मेट्रो दोनों संचालित होंगी।
सरकार की योजना के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर तक शुरू हो सकता है। इसके पूरा होने के बाद एनसीआर में ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी और लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।









