Haryana News: हरियाणा के कैथल जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चीका नगर पालिका के सचिव जितेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि डीएमसी कपिल कुमार ने की है। बताया जा रहा है कि सचिव को ईमेल के माध्यम से निलंबन की सूचना दी गई, हालांकि आदेश में स्पष्ट कारणों का उल्लेख नहीं है।
प्राथमिक तौर पर यह माना जा रहा है कि विकास कार्यों में अनियमितताओं के चलते यह कदम उठाया गया है। पिछले कुछ समय से नगर पालिका के कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
मामले में वार्ड नंबर 2 के पार्षद दलबीर सीड़ा ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका का महत्वपूर्ण रजिस्टर नंबर 35 लंबे समय से गायब है। कई बार मांग करने के बावजूद सचिव इसे प्रस्तुत नहीं कर रहे थे। पार्षद का आरोप है कि इसी रजिस्टर में विकास कार्यों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित गड़बड़ियों का रिकॉर्ड मौजूद है।
इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 और 15 में गलियों के निर्माण को लेकर भी बड़ा आरोप सामने आया है। पार्षद के अनुसार, नगर पालिका द्वारा लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि विजिलेंस जांच के दौरान भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में पौधारोपण और ट्री गार्ड लगाने के नाम पर भी लाखों रुपए के बिल पास किए गए, जबकि वास्तविकता में न तो पौधे लगाए गए और न ही ट्री गार्ड दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि इन सभी मामलों की शिकायत 12 फरवरी को संबंधित विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई थी। शिकायत के बाद से ही मामले की जांच की मांग तेज हो गई थी। अब सचिव के निलंबन के बाद इस पूरे मामले में बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, निलंबित सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें भी केवल ईमेल के जरिए सूचना मिली है और आदेश में किसी कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।







