Haryana News: हरियाणा में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत इस वर्ष बड़ी संख्या में बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय हरियाणा के अनुसार, दस्तावेज सत्यापन के बाद राज्यभर में 21,752 बच्चों को मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में सीट आवंटित की गई है। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस साल RTE के तहत निजी स्कूलों ने 60,400 से अधिक सीटें उपलब्ध कराई थीं, जबकि कुल 31,000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र बच्चों का चयन किया गया। कक्षा अनुसार देखें तो नर्सरी में 10,880, एलकेजी में 1,280 से अधिक, यूकेजी में 1,900 से ज्यादा और कक्षा 1 में 7,680 सीटें आवंटित की गई हैं।
निदेशालय ने सभी निजी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आवंटित बच्चों का प्रवेश 10 दिनों के भीतर पूरा करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूरी एडमिशन प्रक्रिया 9 मई 2026 तक हर हाल में पूरी करनी होगी। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर कार्रवाई की जा सकती है।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कुछ स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और उसके पास वैध निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए। इसके अलावा, पड़ोस के मानदंड के तहत स्कूल से 0 से 1 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को भी नियमानुसार प्रवेश दिया जा सकता है।
निदेशालय के अनुसार, शुरुआती तौर पर एडमिशन अस्थायी रहेगा और दस्तावेजों की पूरी जांच के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि किसी बच्चे का प्रवेश अस्वीकृत किया जाता है, तो संबंधित स्कूल को इसका स्पष्ट कारण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर समितियां गठित की गई हैं, जो सभी मामलों की समीक्षा करेंगी। यदि किसी शिकायत का समाधान पांच दिनों के भीतर नहीं होता है, तो उसे उच्च स्तर की अपीलीय समिति को भेजा जाएगा।
सरकार ने साफ किया है कि RTE के तहत पात्र किसी भी बच्चे को बिना उचित कारण प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।









