Haryana News: हरियाणा में IDFC First Bank से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इससे पहले गिरफ्तारी के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया था।
नरेश कुमार मूल रूप से चरखी दादरी जिले के जगरामबास गांव के रहने वाले हैं और फिलहाल मोहाली की एयरो सिटी में रह रहे थे। उन्हें उनके मोहाली स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। विभाग ने संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटाने का फैसला लिया।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब ACB को आरोपियों के मोबाइल से एक वीडियो मिला। वीडियो में बैंक मैनेजर रिभव ऋषि और अन्य अधिकारियों को विदेश में पार्टी करते देखा गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो थाईलैंड का है, जहां यॉट पर निजी पार्टी और विदेशी महिलाओं के साथ मौज-मस्ती दिखाई गई है। वीडियो में नरेश कुमार भी मौजूद थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि नरेश कुमार ने “स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट” नामक कंपनी से अलग-अलग तारीखों पर कुल 1.35 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इसके अलावा उन्होंने एक लग्जरी गाड़ी खरीदने के लिए करीब 25 लाख रुपये और अपनी बेटी के खाते में लगभग 10 लाख रुपये भी लिए।
प्रारंभिक जांच के अनुसार नरेश कुमार इस पूरे घोटाले में एक अहम कड़ी थे। उन्होंने बैंक अधिकारियों, कंपनी और सरकारी अफसरों के बीच ब्रोकर की भूमिका निभाई और लेन-देन में सक्रिय रूप से शामिल रहे।








