Haryana: हरियाणा में महंगी दवाओं की खरीद को लेकर बढ़ी सख्ती, अब करना होगा ये काम

Published On: April 15, 2026
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Haryana News: हरियाणा में सरकारी अस्पतालों में महंगी दवाओं की खरीद को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद PGIMS रोहतक में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब महंगी दवाओं की खरीद पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

PGIMS प्रशासन ने जारी आदेश में कहा है कि एक हजार रुपये प्रति यूनिट से अधिक कीमत वाली दवाओं की खरीद से पहले संबंधित विभागों को उसका पूरा औचित्य बताना होगा। पहले विभाग अपनी मांग सीधे खरीद विभाग को भेज देते थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। निदेशक कार्यालय में हुई बैठक के बाद यह तय किया गया कि विभागाध्यक्षों को यह स्पष्ट करना होगा कि दवा क्यों जरूरी है और उससे मरीजों को क्या लाभ होगा।

केंद्रीय भंडार विभाग ने महंगी दवाओं की मांग पर कुछ अहम सवालों के जवाब अनिवार्य कर दिए हैं। इनमें शामिल है—क्या उस दवा का कोई सस्ता विकल्प उपलब्ध है, कितने मरीजों को इसका लाभ मिलेगा, इलाज की सफलता दर क्या है, और क्या दवा किसी शोध या प्रोजेक्ट के लिए तो नहीं ली जा रही।

प्रशासन ने 1,000 रुपये से लेकर 76,000 रुपये प्रति यूनिट तक की दवाओं की सूची भी विभागों को भेजी है और जल्द स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि सीमित बजट को ध्यान में रखते हुए अब दवाओं की खरीद प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, ताकि आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

इस बीच, मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं का रिकॉर्ड रियल-टाइम केंद्रीकृत पोर्टल पर रखा जाए। इससे डॉक्टरों को यह जानकारी मिल सकेगी कि किस अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध है, ताकि मरीजों को बाहर से दवा लिखने की आवश्यकता न पड़े।

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी मरीज को बाहर से दवा लिखी जाती है, तो संबंधित डॉक्टर को यह स्पष्ट करना होगा कि वह दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। सरकार का मानना है कि इस कदम से अनावश्यक खर्च पर रोक लगेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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