Bhakra Dam Water Dispute: भाखड़ा डैम से पानी के बंटवारे को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच विवाद गहराता जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, इनेलो, जजपा, आप समेत सभी दलों ने पानी के मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार को समर्थन दिया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर पंजाब सरकार से अनुरोध किया गया कि बीबीएमबी की तकनीकी समिति और बोर्ड बैठक के फैसलों को बिना शर्त लागू किया जाए।
दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र के निर्देश को नजरअंदाज करते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की बैठक का बहिष्कार कर दिया। पंजाब सरकार ने बीबीएमबी को पत्र लिखकर बैठक स्थगित करने की मांग की, जबकि हरियाणा सरकार ने पानी की आपूर्ति में रुकावट को असंवैधानिक बताया और केंद्र सरकार से दखल देने की अपील की।
हरियाणा के सीएम सैनी का बयान:
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा को उसके हक का पानी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब आवंटित क्षमता से ज्यादा पानी इस्तेमाल कर रहा है, जिससे हरियाणा को 17 फीसदी कम पानी मिल रहा है। सात जिलों में पेयजल संकट गहरा गया है और केवल 15 फीसदी पानी उपलब्ध है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो हरियाणा सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुला सकती है।
पंजाब के सीएम भगवंत मान का जवाब:
जालंधर में सीएम भगवंत मान ने दो टूक कहा कि पंजाब से एक बूंद पानी भी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी पंजाब में संवेदनशील मुद्दा है और इसे लेकर संघर्ष तक होते हैं।
हिमाचल प्रदेश का पक्ष:
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने फिर से रॉयल्टी के हक की बात उठाई और कहा कि पंजाब और हरियाणा को मिल-बैठकर विवाद सुलझाना चाहिए। हिमाचल के अधिकार भी सुरक्षित रहने चाहिए।







