Purushottam Maas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस वर्ष अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) का आगमन हो रहा है। यह विशेष महीना 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार अधिकमास ज्येष्ठ महीने में पड़ रहा है, जिससे दो ज्येष्ठ मास बनेंगे और इसका सीधा असर पूरे साल के त्योहारों की तारीखों पर पड़ेगा।
त्योहारों की तारीखों में बड़ा बदलाव
आम तौर पर चंद्र और सौर कैलेंडर के अंतर के कारण हर साल त्योहार करीब 10–11 दिन पहले आ जाते हैं। लेकिन अधिकमास जुड़ने से यह अंतर संतुलित हो जाता है, जिससे 2026 में त्योहार करीब 18–20 दिन आगे खिसक जाएंगे। यही वजह है कि कई बड़े पर्व, जो सामान्यतः सितंबर-अक्टूबर में आते हैं, इस बार अक्टूबर के अंत या नवंबर में मनाए जाएंगे।
अधिकमास क्यों जोड़ा जाता है?
ज्योतिषीय विशेषज्ञों के अनुसार सौर वर्ष लगभग 365 दिन 6 घंटे का होता है, जबकि चंद्र वर्ष करीब 354 दिनों का होता है। इस तरह हर साल लगभग 11 दिन का अंतर बनता है, जो तीन वर्षों में बढ़कर करीब 33 दिन हो जाता है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीसरे साल एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है।
धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व
अधिकमास को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी समय माना जाता है। इस दौरान दान, जप, तप, व्रत और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। हालांकि इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2026 के प्रमुख त्योहारों की संभावित तिथियां
- रक्षाबंधन: 28 अगस्त
- कृष्ण जन्माष्टमी: 4 सितंबर
- गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर
- श्राद्ध पक्ष शुरू: 26 सितंबर
- शारदीय नवरात्र: 11 अक्टूबर
- दशहरा: 20 अक्टूबर
- करवाचौथ: 29 अक्टूबर
- धनतेरस: 6 नवंबर
- दीपावली: 8 नवंबर
- गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर
- भैया दूज: 11 नवंबर
- छठ पूजा: 15 नवंबर











