Haryana: हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को बड़ी राहत, सैनी सरकार ने लिया ये फैसला

Published On: May 16, 2026
Follow Us

Haryana News: हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लाखों संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के लंबित प्रॉपर्टी टैक्स पर लगने वाले 100 प्रतिशत ब्याज को माफ करने का फैसला किया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULBD) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

नई योजना के तहत यदि करदाता 30 जून 2026 तक अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की मूल राशि जमा कर देते हैं और पोर्टल पर अपनी संपत्ति का स्व-प्रमाणन (SC) पूरा कर देते हैं, तो उन्हें वर्षों से जुड़ा पूरा ब्याज नहीं देना होगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी की घोषणा की थी। अब विभाग ने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा और नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं की टैक्स वसूली में सुधार होगा।

यह योजना गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक और अंबाला समेत राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों के आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति मालिकों पर लागू होगी।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में लगभग 18 से 20 लाख प्रॉपर्टी यूनिट्स पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 4 से 5 लाख संपत्तियों पर किसी न किसी रूप में टैक्स बकाया है। ब्याज और जुर्माने सहित कुल बकाया राशि 1,500 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। ब्याज माफी से लोगों को अनुमानित रूप से 200 से 400 करोड़ रुपये तक की राहत मिल सकती है।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 30 जून 2026 के बाद भुगतान न करने वालों पर पहले की तरह 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज लगता रहेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति पर 50 हजार रुपये का टैक्स बकाया है और 20 हजार रुपये ब्याज जुड़ चुका है, तो वह 30 जून तक केवल मूल 50 हजार रुपये जमा कर पूरा मामला निपटा सकता है।

google-site-verification: google37146f9c8221134d.html

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment