Haryana News: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के ट्रांसफर और कार्यकाल को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार अब केवल उन्हीं कर्मचारियों को ट्रांसफर प्रक्रिया में छूट मिलेगी, जो एक ही कार्यस्थल पर पिछले पांच वर्षों से कार्यरत हैं और जिनकी रिटायरमेंट में एक साल या उससे कम समय बचा है।
ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से अधिक समय बाकी है, उन्हें इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

कुछ शर्तों के साथ हो सकेगा ट्रांसफर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में ऐसे कर्मचारियों का ट्रांसफर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर किया जा सकता है। हालांकि इस प्रकार के स्थानांतरण को आधिकारिक ट्रांसफर नहीं माना जाएगा।
TA/DA और जॉइनिंग टाइम का लाभ नहीं
जारी आदेश के अनुसार, ऐसे ट्रांसफर पर कर्मचारियों को हरियाणा सिविल सेवा नियमावली 2016 के तहत मिलने वाले TA/DA और जॉइनिंग टाइम जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। सरकार ने यह बदलाव वर्ष 1988 में जारी पुराने निर्देशों में संशोधन करते हुए किया है।
प्रदेश के लाखों कर्मचारी होंगे प्रभावित
हरियाणा में करीब 3.25 लाख नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। नए आदेश का प्रभाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों पर पड़ेगा, जो रिटायरमेंट के करीब हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी यह जानकारी साझा नहीं की गई है कि वर्तमान में ऐसे कर्मचारियों की संख्या कितनी है।
पुराने नियमों में क्या था प्रावधान
पहले के नियमों के अनुसार जिन कर्मचारियों की रिटायरमेंट में एक साल या उससे कम समय बचा होता था, उन्हें अनिवार्य ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर रखा जाता था। ऐसे कर्मचारी अपनी पसंद की पोस्टिंग का विकल्प दे सकते थे और रिक्त पद होने पर विभाग उन्हें वहां समायोजित करने का प्रयास करता था।
इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी एक ही स्थान पर पांच साल से अधिक समय से कार्यरत होता था और उसकी रिटायरमेंट नजदीक होती थी, तो उसे उसी स्थान पर बने रहने की अनुमति दी जा सकती थी। हालांकि प्रशासनिक जरूरत पड़ने पर उसका ट्रांसफर भी किया जा सकता था।







