Hydrogen Train: हरित और आधुनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेल की पहली हाइड्रोजन आधारित ट्रेन अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। हरियाणा के जींद में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बुधवार को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाइड्रोजन प्लांट और ट्रेन रेक का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा और तकनीकी मानकों को प्राथमिकता देते हुए हर पहलू का बारीकी से आकलन किया गया।
सेफ्टी और तकनीकी जांच पर फोकस
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की समीक्षा की, जिनमें सेफ्टी इंस्पेक्शन, आरडीएसओ ट्रायल, पीईएसओ (PESO) जांच शामिल हैं। अधिकारियों ने प्लांट में स्थापित अत्याधुनिक तकनीक और व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधारों के सुझाव भी दिए।
सोनीपत तक होगा ट्रायल रन
रेलवे के अनुसार, इस हाइड्रोजन ट्रेन को शुरुआत में सोनीपत तक ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा। ट्रेन में रेडंडेंसी सिस्टम लगाया गया है, किसी भी तकनीकी खराबी के बावजूद संचालन प्रभावित न हो, इसकी विशेष व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के बाद ही होगा नियमित संचालन
सभी तकनीकी रिपोर्ट और निरीक्षण पूरे होने के बाद ही ट्रेन के नियमित संचालन और टाइम टेबल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि यह देश की पहली हाइड्रोजन आधारित ट्रेन है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी बेहद अहम है। सभी जरूरी सुरक्षा जांच पूरी की जा रही हैं और जब तक पूरी तरह संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसे नियमित रूप से नहीं चलाया जाएगा।










