IAS Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार UPSC सिविल सेवा परीक्षा में बिहार की मोनिका श्रीवास्तव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी यह सफलता लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

बिहार के औरंगाबाद से निकलकर UPSC तक का सफर
मोनिका श्रीवास्तव मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के सत्येंद्र नगर की रहने वाली हैं। उनके पिता बी.के. श्रीवास्तव जिला परिषद में असिस्टेंट इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां भारती श्रीवास्तव गृहिणी हैं।
उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की और बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं।

IIT से कॉर्पोरेट जॉब तक, फिर सिविल सेवा का फैसला
मोनिका ने IIT गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें चेन्नई की एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी का फैसला लिया।
BPSC से UPSC तक शानदार प्रदर्शन
कड़ी मेहनत के बाद मोनिका ने 2022 में BPSC परीक्षा में छठी रैंक हासिल की और महिला टॉपर बनीं। इसके बावजूद उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी।

2024 में UPSC में AIR 455 हासिल कर भारतीय रेलवे सेवा में चयन हुआ। 2025 में दोबारा UPSC दी और इस बार AIR 16 हासिल कर IAS अधिकारी बनीं।
मोनिका प्रतिदिन 7–8 घंटे की पढ़ाई करती थीं और लगातार लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। उनकी यह सफलता बताती है कि सही रणनीति और निरंतर प्रयास से UPSC जैसी कठिन परीक्षा भी पास की जा सकती है।













