Haryana News: हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे) और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित इंटरचेंज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 432 करोड़ रुपये यमुना-ईपीई इंटरचेंज जुलाई तक शुरू होने की उम्मीदकी लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट जुलाई तक चालू किया जा सकता है।
20 किलोमीटर की दूरी होगी कम
इंटरचेंज शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे और ईपीई के बीच यात्रा करने वाले वाहनों को लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। इससे हरियाणा के कुंडली और एनएच-44 कॉरिडोर से जुड़े जिलों को सीधा फायदा मिलेगा।
अभी कैसे होती है यात्रा
वर्तमान में हरियाणा से आने वाले वाहन ईपीई से उतरकर ग्रेटर नोएडा के परी चौक होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट तक पहुंचते हैं। इस दौरान कई बार ग्रेटर नोएडा और नोएडा की सड़कों पर भारी ट्रैफिक और जाम की स्थिति बन जाती है।
जाम से मिलेगी राहत, समय और ईंधन की बचत
नए इंटरचेंज के शुरू होने के बाद वाहन सीधे एक एक्सप्रेसवे से दूसरे पर जा सकेंगे, जिससे परी चौक और नोएडा शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यात्रियों को न केवल जाम से राहत मिलेगी, बल्कि यात्रा का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।








