Haryana Vidhan Sabha Session: हरियाणा विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लाए गए निंदा प्रस्ताव को लेकर सोमवार को सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार की ओर से बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया और सदन के बाहर समानांतर कार्यवाही शुरू कर दी।
सदन के बाहर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद दो मिनट का मौन रखा। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के प्रस्ताव को लेकर विरोध दर्ज कराया और इसे राजनीतिक मुद्दा बताते हुए आपत्ति जताई।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिस विषय को सदन में लाया गया है, वह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र से संबंधित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक एजेंडे के तहत यह प्रस्ताव लेकर आई है और कांग्रेस इसका विरोध सड़क और सदन के बाहर भी जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री का पलटवार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के इस कदम को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा की तरह ही यहां भी कांग्रेस का रवैया देखने को मिला है। सीएम ने कहा कि कांग्रेस का कोई भी विधायक सदन में उपस्थित नहीं हुआ, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
सस्पेंड विधायकों की अनुपस्थिति
इस बीच, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के चलते पार्टी से सस्पेंड किए गए पांच कांग्रेस विधायक विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। इनमें नारायणगढ़ की शैली चौधरी, सढौरा की रेनू बाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास, हथीन के मोहम्मद इसराइल और रतिया के जरनैल सिंह शामिल हैं।
हालांकि बाद में रेनू बाला, शैली चौधरी और जरनैल सिंह सदन की कार्यवाही में मौजूद रहे, जिससे राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं।







