SIM Deactivation: सिर्फ 20 रुपये में बचा सकते हैं अपना SIM बंद होने से, जानें TRAI का यह नियम

Published On: April 27, 2026
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SIM Deactivation: सोशल मीडिया पर हाल ही में यह चर्चा तेज हुई है कि लंबे समय तक इस्तेमाल न होने पर Jio समेत कई टेलीकॉम कंपनियां सिम कार्ड डीएक्टिवेट कर रही हैं। इसके बाद कई यूजर्स अपने नंबर को एक्टिव रखने के लिए सस्ते रिचार्ज प्लान तलाश रहे हैं। हालांकि टेलीकॉम नियमों के अनुसार, बहुत कम रकम में भी SIM को सक्रिय रखा जा सकता है।

क्या सच में 20 रुपये में बच सकता है SIM?

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी नंबर में कम से कम 20 रुपये का बैलेंस मौजूद है, तो वह सिम डीएक्टिवेशन से बच सकता है। यह नियम Jio, Airtel, Vi और BSNL सहित सभी ऑपरेटर्स पर लागू होता है।

90 दिन बाद इनएक्टिव सिम पर खतरा

नियमों के अनुसार, यदि कोई सिम 90 दिनों तक इस्तेमाल या रिचार्ज नहीं किया जाता, तो उसे इनएक्टिव माना जा सकता है। इसके बाद ऑपरेटर 90 से 365 दिनों के भीतर उस नंबर को बंद कर सकते हैं और किसी अन्य यूजर को अलॉट भी कर सकते हैं।

कैसे काम करता है 20 रुपये वाला नियम

TRAI नियम के अनुसार अगर सिम में ₹20 या उससे अधिक बैलेंस है और 90 दिन तक उपयोग नहीं हुआ है तो ऑपरेटर 20 रुपये काटकर सिम को अगले 30 दिनों के लिए एक्टिव रख सकता है।
यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक बैलेंस मौजूद रहता है।

नंबर बंद होने पर क्या करें?

अगर किसी कारण से सिम बंद हो जाता है, तो यूजर के पास 15 दिनों का समय होता है उसे वापस क्लेम करने का। इसके लिए टेलीकॉम स्टोर पर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होती है और 20 रुपये का रिचार्ज करवाकर नंबर फिर से एक्टिव किया जा सकता है।

किन बातों का रखें ध्यान

सभी टेलीकॉम कंपनियों पर TRAI के नियम लागू होते हैं। कम इस्तेमाल वाले नंबर में 20 रुपये बैलेंस रखना जरूरी है। हर 30 दिन में बैलेंस खत्म होने पर नंबर बंद हो सकता है। बंद नंबर 15 दिन के भीतर ही वापस मिल सकता है।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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