Haryana News: हरियाणा सरकार किसानों के लिए डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को बताया कि अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सऐप के माध्यम से QR कोड आधारित J-फार्म भेजे जाएंगे, जिससे उन्हें ऋण सहित अन्य सुविधाएं लेने में आसानी होगी।
अगले सीजन से लॉन्च होगा ‘किसान ई-खरीद ऐप’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सीजन से एक नया मोबाइल एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें किसानों को J-फार्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई और उपज सत्यापन, गेट पास शेड्यूलिंग तथा भूमि सत्यापन जैसी सभी जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी।
गेहूं खरीद में इस बार रिकॉर्ड आंकड़े
सरकार के अनुसार इस बार मंडियों में पिछले चार वर्षों के मुकाबले सबसे अधिक गेहूं पहुंचा है। अब तक 81.48 लाख टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसकी कीमत 21,044 करोड़ रुपये है। लगभग 5.80 लाख किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंचे हैं।
डिजिटल गेट पास और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू
हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के जरिए सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 79.14 लाख टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा चुका है, जो कुल का करीब 97 प्रतिशत है।
खरीद और उठान की प्रक्रिया तेज
प्रदेश में 70.23 लाख टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, जिसमें से 34.56 लाख टन का उठान भी हो चुका है। प्रतिदिन लगभग साढ़े तीन लाख टन गेहूं का उठान किया जा रहा है।
‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर लाखों किसान पंजीकृत
राज्य में ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 10 लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं। इस सीजन में अब तक 13.47 लाख डिजिटल गेट पास जारी किए जा चुके हैं।
मंडियों की जियो-फेंसिंग और CCTV से निगरानी
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 416 मंडियों और 281 खरीद केंद्रों की जियो-फेंसिंग की गई है। इसके अलावा 932 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
आढ़तियों का कमीशन बढ़ाया गया
सरकार ने आढ़तियों का कमीशन 33.75 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। साथ ही, बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए गुणवत्ता मानकों में भी राहत दी गई है।
किसानों को मुआवजा और योजनाओं का लाभ
पिछले 11 वर्षों में फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजे और बीमा योजनाओं के तहत 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 20 लाख किसानों को 22 किस्तों में 7,562 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।







