Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को संबंधित पोर्टल की समीक्षा बैठक के दौरान घोषणा की कि प्रदेश के सभी शहरों में घरों के बाहर RFID टैग लगाए जाएंगे, जिससे कचरा संग्रहण प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत कचरा उठाने वाले वाहनों में GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। इससे वाहनों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कचरा नियमित रूप से उठाया जा रहा है या नहीं।
सरकार द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरे राज्य में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जाएगी। यह प्रणाली हरियाणा को इस तरह की व्यापक डिजिटल निगरानी अपनाने वाला देश का पहला राज्य बनाती है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रियल-टाइम डेटा लगातार अपडेट होता रहे।
इस पोर्टल के जरिए नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा संग्रहण वाहनों की लाइव लोकेशन भी देख सकेंगे। साथ ही, यदि किसी इलाके में कचरा समय पर नहीं उठाया जाता है, तो लोग ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे, जिससे समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा।
नई व्यवस्था के तहत RFID तकनीक से कचरा प्रबंधन से जुड़े बिलों की गणना भी की जाएगी। वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय नगर निकायों में जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कचरा उठाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।







