Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए अब एक नई पहल शुरू की जा रही है। राज्य सरकार की निपुण पहचान पत्र योजना के तहत कक्षा पहली से पांचवीं तक के हर बच्चे को एक विशेष पहचान पत्र दिया जाएगा, जो सिर्फ पहचान का माध्यम नहीं होगा, बल्कि उनकी शैक्षणिक प्रगति से भी सीधे जुड़ा रहेगा।
इस योजना का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई से अधिक सक्रिय रूप से जोड़ना है। अब माता-पिता केवल स्कूल की बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रोजाना अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी आसानी से नजर रख सकेंगे।
इस पहचान पत्र की सबसे खास बात इसके पीछे की ओर दिया गया क्यूआर कोड है। इस कोड को स्कैन करते ही अभिभावक संबंधित कक्षा के पाठ्यक्रम से जुड़े वीडियो और अध्ययन सामग्री तक पहुंच सकेंगे। इससे विशेष रूप से उन परिवारों को फायदा मिलेगा, जहां घर पर पढ़ाई में मार्गदर्शन की सुविधा सीमित है।
पहचान पत्र के सामने वाले हिस्से पर छात्र का नाम, कक्षा, एसआरएन नंबर, जन्मतिथि, स्कूल का नाम और माता-पिता का संपर्क विवरण दर्ज होगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में बच्चे की पहचान तुरंत सुनिश्चित की जा सकेगी।
वहीं कार्ड का मुख्य आकर्षण इसका डिजिटल फीचर होगा, जो शिक्षा को तकनीक से जोड़ते हुए सीखने की प्रक्रिया को अधिक आसान और प्रभावी बनाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल न केवल छात्रों की सीखने की क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाकर सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को भी और सशक्त बनाएगी।







