Haryana News: हरियाणा में बिजली निगमों के सामने बकाया वसूली एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। राज्य में डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर करीब 8200 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसको लेकर सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काटे जा चुके हैं, उन्हें भूमि वसूली अधिनियम के तहत 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी किए जाएंगे। सरकार बकाया राशि की वसूली के लिए विशेष अभियान चला रही है और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय कर इस प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी के मामले दर्ज हैं, उन्हें भी एक बार फिर नोटिस देकर बकाया जमा कराने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा है कि बिजली सप्लाई में किसी भी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए।
ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में शहरी क्षेत्रों में 2 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे के भीतर उन्हें बदलना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए हर उपमंडल में पर्याप्त ट्रांसफार्मर बैंक और मोबाइल ट्रॉलियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा 11 केवी और 33 केवी फीडरों के आसपास पेड़ों की समय रहते छंटाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आंधी-तूफान या बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो। तकनीकी कर्मचारियों को सुरक्षा किट का अनिवार्य उपयोग करने और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार बिजली विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत कर रही है। वहीं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च तक 2.2 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।









