Haryana: हरियाणा में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगी ये खास सुविधा

Published On: April 6, 2026
Follow Us

Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए ऋण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब कर्मचारियों को मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह जैसे कार्यों के लिए लोन लेने हेतु बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने करीब साढ़े नौ साल पुराने आदेश को वापस लेते हुए फिर से पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है, जिसमें सरकार खुद अपने कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराएगी।

इस संबंध में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने आदेश जारी किए हैं। 4 नवंबर 2016 को जारी आदेशों के तहत सरकारी कर्मचारियों के ऋण पोर्टफोलियो को पंजाब नेशनल बैंक में ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत हरियाणा सरकार अपनी पुरानी नीति के अनुसार कर्मचारियों को सीधे ऋण या अग्रिम राशि प्रदान करेगी। इसके लिए “मेजर हेड-7610” के अंतर्गत बजट में प्रावधान किया जाएगा। इस डायरेक्ट लोन सिस्टम से कर्मचारियों को त्वरित और आसान वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

इसके साथ ही सरकार ने लास्ट पे सर्टिफिकेट (LPC) के प्रारूप में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह दस्तावेज किसी कर्मचारी के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में ट्रांसफर के समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसमें वेतन, भत्तों, कटौतियों, ऋण और अग्रिम की पूरी जानकारी होती है।

संशोधित LPC प्रारूप में कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसमें यूनिक कोड पेयी और स्थायी सेवानिवृत्ति खाता नंबर को शामिल किया जाएगा। साथ ही सेवा अवधि के सत्यापन के लिए एक नया कॉलम जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

नए प्रारूप में कर्मचारी की विस्तृत जानकारी जैसे पैन नंबर, मोबाइल नंबर, पे-लेवल, बेसिक पे और अलाउंस का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा इनकम टैक्स, GPF, सब्सक्रिप्शन, एडवांस और रिकवरी से जुड़ी सभी कटौतियों का पूरा ब्योरा भी शामिल होगा, जिससे वित्तीय प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment