रेलवे में पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (GDCE) के पैटर्न और पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब यह परीक्षा पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होगी और इसका स्तर सीधी भर्ती परीक्षाओं के समान रखा गया है।
रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर (JE) और ग्रेजुएट व नॉन-ग्रेजुएट (NTPC) जैसे पदों के लिए अब केवल एक चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा Railway Recruitment Board द्वारा आयोजित सीधी भर्ती के दूसरे चरण के पैटर्न के अनुरूप होगी।
असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) पद के लिए भी परीक्षा ढांचे को स्पष्ट और सख्त बनाया गया है। इसके तहत 100 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी, जिसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे और उम्मीदवारों को 120 मिनट का समय दिया जाएगा। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी।
परीक्षा में गणित, सामान्य बुद्धिमत्ता, बेसिक साइंस एंड इंजीनियरिंग और ट्रेड से जुड़े विषयों से समान अनुपात में प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इस बदलाव का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता आधारित बनाना है।







