Haryana News: हरियाणा के फतेहाबाद जिले में पारता गांव की सरपंच मनप्रीत कौर को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उपायुक्त डॉक्टर विवेक भारती ने यह कार्रवाई गली निर्माण में अनियमितता और सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद की है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह फैसला लिया गया।
जानकारी के अनुसार गांव के निवासी कपिल ने गली निर्माण में धांधली की शिकायत जिला प्रशासन को दी थी। इसके बाद मामले की जांच टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा को सौंपी गई। 21 जनवरी 2026 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सरपंच को आरोपों में दोषी पाया गया।
जांच में सामने आया कि जोहड़ की भूमि पर रास्ते का निर्माण किया गया और फिरनी नंबर 138 पर गली बनाने के बजाय उससे सटी जमीन पर निर्माण कर अवैध कब्जों को बढ़ावा दिया गया। प्रशासन ने इसे हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51(1)(बी) के तहत नियमों का उल्लंघन माना।
इस मामले में 20 फरवरी 2026 को सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 6 मार्च को दिए गए उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद डीसी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया और अधिनियम की धारा 51(2) के तहत उन्हें ग्राम पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग लेने से भी रोक दिया गया है।
प्रशासन ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) को पंचायत की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की आगे की जांच Fatehabad के अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी गई है, जिन्हें एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
वहीं सरपंच मनप्रीत कौर के पति का कहना है कि वे निलंबन के आदेश के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे। दूसरी ओर शिकायतकर्ता कपिल का कहना है कि निलंबन सही कदम है और अब गली निर्माण में हुई अनियमितताओं की रिकवरी भी की जानी चाहिए।







