New Railway Line: अंबाला-चंडीगढ़ रेल मार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि यहां पहले से बिछाई गई 2 रेलवे लाइन के अलावा अब 2 नई रेल लाइन भी बिछाई जाएंगी। इसके लिए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को मंजूरी देने के बाद रेल मंत्री ने हरियाणा के केबिनेट मंत्री अनिल विज को भी पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी है। क्योंकि विज ने इसके लिए रेल मंत्री से आग्रह किया था।
अब एफएलएस को मंजूरी मिलने के बाद यहां सर्वे का काम शुरू होगा। इसके बाद होने वाली औपचारिकतों को पूर कर 2 नई रेल लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। क्योंकि इस रूट पर प्रतिदिन लाखों यात्री सफर करते हैं। देश के व्यस्तत्म रेल मार्गों में यह शामिल है। इससे जहां रेल नेटवर्क मजबूत होगा, वहीं रेल यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। इससे रेवले की कमाई भी बढ़ेगी। साथ ही अधिक ट्रेन चलाना भी आसान होगा। क्योंकि एफएलएस की मंजूरी के बाद यहां जमीनी काम शुरू होगा।
बारीक जांच
दरअसल रेलवे में नई लाइन बिछाने से पहलीे एफएलएस काफी महत्वपूर्ण होता है। इसके तहत पूरी बारीकियों को जांचा जाता है। इसके तहत कहां पुल बनेगा। रेलवे लाइन की वास्तविक लोकेशन के साथ यह भी अनुमान लगाया जाता है कि इस परियोजना पर कितना खर्च होगा। किसी भी परियोजना को शुरू करने से पहले यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। यह तैयार होने के बाद ही रेलवे द्वारा बजट की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि रेलवे के लिए यह परियोजना व्यवसायिक रूप से कितनी महत्वपूर्ण होने जा रही है।
रेलवे लाइन
दरअसल हरियाणा की राजधानी चंडीगढ है। वहीं पंचकूला में भी काफी सरकारी कार्यालय हैं। सड़क मार्ग काफी भीड़ वाला होता है। ऐसे में बहुत सारे कर्मचारी व अन्य अन्य लोग रेल मार्ग से ही यात्रा करते हैं। यह नई रेल लाइन बिछने के बाद यहां ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इससे लोगों को आसानी से सफर करने का मौका मिलेगा। क्योंकि यह रेल लाइन 2 महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है। कर्मचारियों के साथ-साथ हजारों विद्यार्थी, व्यापारी व श्रमिक भी प्रतिदिन यात्रा करते हैं।
निजी वाहनों पर टिकी है व्यवस्था
ऐसा नहीं है कि चंडीगढ़ व अंबाला के बीच वाहनों या परिवहन संसाधनों की कमी है, लेकिन यात्रियों की भीड़ के आगे यह कम पड़ जाती है। ऐसे में प्रतिदिन हजारों लोग निजी वाहनों से भी यात्रा करते हैं। प्रदेश के दूसरे हिस्सों से भी अंबाला तक पहुंच काफी आसान है। ऐसे में यह बड़ा केंद्र अभर सकता है। निजी वाहन लोगों का समय खर्च अधिक लगाते हैं। अब यह परियोजना लाेगों को राहत देने वाली होने वाली है।
बेहतर कनेक्टिविटी
हालांकि चंडीगढ़ की कनेक्टिविटी सड़क मार्ग से भी बेहतर हुई है, लेकिन अंबाला से आगे डेराबस्सी की भीड़ पूरी यात्रा को सयम बढ़ा देती है। ऐसे में लोग सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विशेषकर ट्रेन से सफर को प्राथमिकता देते हैं। यह 2 नई रेलवे लाइन और भी अधिक सुगम सफर का रास्ता खोलेंगी। इसके लिए अब जल्द ही कार्य शुरू होने जा रहा है। क्योंकि सर्वे संबंधित काम पूरा होने के बाद निर्माण की बारी आएगी।
मिलेगी राहत
वहीं हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज का कहना है कि इस परियोजना के लिए उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बातचीत की थी। अब उनकी ओर से जवाब मिला है। इसमें उनको पत्र लिख कर प्रोजेक्ट के फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति देने की जानकारी दी है। इस परियोजना के पूरा होने से अंबाला – चंडीगढ़ के बीच यात्रा वालों को काफी राहत मिलेगी।







