Haryana News: हरियाणा में कुरुक्षेत्र के लाडवा में राशन डिपो से जुड़े एक मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों अधिकारियों पर डिपो होल्डर के पिता से जबरन डिपो चलवाने और हर महीने 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगा है।
यह मामला Public Distribution System (PDS) से जुड़ा है और फिलहाल ग्रीवांस कमेटी में भी विचाराधीन है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
महावीर कॉलोनी, लाडवा निवासी डिपो होल्डर सोनू नारंग की शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि PDS Control Order 2022 के नियमों के अनुसार किसी डिपो की सप्लाई पास के डिपो से जोड़ी जानी चाहिए, लेकिन लाडवा में चार डिपो की सप्लाई दूर-दराज के डिपो से अटैच की गई थी।
जबरन डिपो चलाने का आरोप
इस मामले में वार्ड नंबर-1 के डिपो होल्डर अंशुल गर्ग के पिता नरेश गर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब में नरेश गर्ग ने विभाग को लिखित बयान देकर आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर नवीन कुमार और सब-इंस्पेक्टर अशोक हुड्डा ने उन पर दबाव डालकर बयान लिखवाया।
नरेश गर्ग का आरोप है कि बेटे अंशुल गर्ग की मौत के बाद अधिकारियों ने उन्हें दफ्तर बुलाकर जबरन डिपो चलाने के लिए कहा। डिपो नहीं चलाने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। साथ ही हर महीने 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
आधार कार्ड लेकर बनाया नोमिनी
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने नरेश गर्ग का आधार कार्ड लेकर दूसरे डिपो धारक की POS मशीन में उन्हें जबरन नोमिनी भी बना दिया।
मौत के बाद भी जारी रही राशन सप्लाई
मामले की जांच SDM Office Ladwa द्वारा की गई। जांच में सामने आया कि डिपो होल्डर अंशुल गर्ग की मौत के बाद भी उसके नाम पर लंबे समय तक राशन की सप्लाई जारी रही। बिलों पर कई जगह अंशुल गर्ग और कुछ स्थानों पर नरेश गर्ग के हस्ताक्षर पाए गए।
पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले में पुलिस ने इंस्पेक्टर नवीन कुमार, सब-इंस्पेक्टर अशोक हुड्डा और नरेश गर्ग के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गुरनाम सिंह SHO ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान अगर किसी अन्य कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।








