पहलगाम में आतंकी हमला: भारत के एक्शन से रोने लगा पाकिस्तान, देने लगा युद्ध की गिदड़ भभकियां

Published On: April 25, 2025
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पहलगाम में आतंकी हमला

पहलगाम में आतंकी हमला: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला कर दिया। 4 से 7 आतंकियों ने फायरिंग की, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई। इस हमले से देश में गुस्सा है और लोग पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

भारत सरकार का एक्शन

मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ 5 सख्त फैसले लिए:

  1. सिंधु जल समझौता तोड़ा: भारत ने 1960 का सिंधु नदी समझौता रोक दिया।
  2. अटारी बॉर्डर बंद: भारत-पाक सीमा पर अटारी-वाघा बॉर्डर बंद कर दिया गया।
  3. पाकिस्तानियों को निकाला: सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश।
  4. वीजा रद्द: पाकिस्तानियों के सभी वीजा, जिसमें SAARC वीजा भी शामिल, रद्द किए।
  5. राजनयिक कम किए: दोनों देशों के उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 की।

पाकिस्तान की धमकियां

भारत के फैसलों से पाकिस्तान बौखला गया। पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने नेशनल सिक्योरिटी कमिटी की बैठक बुलाई। इसके बाद विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और सूचना मंत्री अट्टा तरार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में धमकियां दीं:

  • इशाक डार ने कहा कि सिंधु नदी का पानी रोकना युद्ध माना जाएगा। शिमला समझौता भी रद्द कर सकते हैं।
  • आसिफ ने धमकी दी कि अगर भारत पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बनाएगा, तो भारतीय भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।
  • तरार ने कहा कि भारत को दोगुना कड़ा जवाब देंगे।
  • पाकिस्तान ने भारत के लिए एयरस्पेस और व्यापार बंद कर दिया।
  • वाघा बॉर्डर बंद कर भारतीयों के वीजा रद्द किए। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या 30 कर दी।

क्या है मामला?

हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के ग्रुप द रजिस्टेंस फ्रंट ने ली। जांच में पता चला कि हमले का मास्टरमाइंड लश्कर का सैफुल्लाह खालिद है, जो पाकिस्तान में छिपा है। भारत ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद बंद नहीं करता, सख्ती जारी रहेगी।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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