Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। ‘गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन’ के तहत अब चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करने वाले किसानों को पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे पहले यह राशि तीन हजार रुपये प्रति एकड़ थी। सरकार ने इसमें दो हजार रुपये प्रति एकड़ की बढ़ोतरी की है।
प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में इस बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि की घोषणा की थी, जिसे अब सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।
15 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को पोर्टल के माध्यम से 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। इसके बाद फरवरी 2027 तक खेतों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और पात्र किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि जारी कर दी जाएगी।
एकल-आंख विधि पर भी बढ़ी सहायता
सरकार ने गन्ने की एकल-आंख विधि से बिजाई करने वाले किसानों के लिए भी राहत दी है। इस तकनीक से खेती करने पर मिलने वाली सहायता राशि को भी तीन हजार रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है।
किसानों को मिलेगी हार्वेस्टर मशीन की सुविधा
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी। इसका उद्देश्य किसानों की फसल कटाई लागत को कम करना और खेती को आधुनिक बनाना है।
टिश्यू कल्चर से तैयार होगी मुफ्त पौध
सरकार गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए टिश्यू कल्चर तकनीक का भी उपयोग करेगी। करनाल सहकारी चीनी मिल में तैयार की जाने वाली उच्च गुणवत्ता वाली गन्ने की पौध किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। किसान अक्टूबर से दिसंबर के बीच इस पौध को प्राप्त कर सकेंगे।








