Sandeep Bagdi: हरियाणा में गानों के जरिए गन कल्चर और अपराध को बढ़ावा देने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कैथल के उभरते सिंगर संदीप बागड़ी के हाल ही में रिलीज गाने विवादों में घिर गए हैं। इन गानों में हथियारों के प्रदर्शन और आपराधिक छवि को लेकर आपत्तियां जताई जा रही हैं।
संदीप बागड़ी ने पिछले छह महीनों में ‘डीलर’, ‘दिल्ली में रुक्का’ और ‘बर्नर’ जैसे गाने रिलीज किए हैं। इन गानों के वीडियो और बोल में गैंगस्टर कल्चर, हथियारों का खुला प्रदर्शन और क्राइम से जुड़े संदर्भ दिखाए गए हैं। आरोप है कि इन गानों में न सिर्फ बदमाशी का महिमामंडन किया गया है, बल्कि महिलाओं को भी आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
मामले पर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा कि इस तरह के गाने समाज में गलत संदेश देते हैं और हिंसा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर हरियाणवी गानों के लिए एक सेंसर बोर्ड बनाने की मांग की है, ताकि ऐसे कंटेंट पर नियंत्रण लगाया जा सके।
विवाद बढ़ने के बाद सिंगर संदीप बागड़ी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य गलत संदेश देना नहीं है। उनके अनुसार, वे केवल दर्शकों की मांग और सोशल मीडिया ट्रेंड के अनुसार गाने बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार कोई नियम बनाती है, तो वे उसका पालन करेंगे।
संदीप बागड़ी सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 10 हजार फॉलोअर्स हैं, जबकि उनके गानों को यूट्यूब और फेसबुक पर हजारों बार देखा जा चुका है। ‘दिल्ली में रुक्का’ गाने को ही 15 हजार से अधिक व्यूज मिल चुके हैं, जो युवाओं के बीच इस तरह के कंटेंट की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।







