Haryana: हरियाणा में नए जिले, उपमंडल और तहसील बनाने को लेकर बड़ा अपडेट, बढ़ाया गया कमेटी का कार्यकाल

Published On: April 5, 2026
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Haryana News: हरियाणा में जनगणना, परिसीमन और मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य पूरा होने तक नए जिले, उपमंडल, तहसील और उप तहसील बनाने पर रोक लगी हुई है। इसके बावजूद प्रस्तावों पर विचार जारी रहेगा। प्रदेश सरकार ने विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब कमेटी का कार्यकाल 30 जून तक बढ़ा दिया है।

इस कमेटी में राजस्व एवं निकाय मंत्री विपुल गोयल, संसदीय कार्य मंत्री महीपाल सिंह ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा शामिल हैं। राज्य सरकार ने 4 दिसंबर 2024 को इस उप समिति का गठन किया था, जिसका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।

समिति की सिफारिश पर ही हांसी को हरियाणा का 23वां जिला बनाया गया था। 31 दिसंबर को कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब वित्तायुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने इसे 1 जनवरी से 30 जून तक बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं, जिससे प्रशासनिक पुनर्गठन पर मंथन जारी रहेगा।

हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गोहाना रैली में घोषणा की थी कि खानपुर कलां उपतहसील को तहसील और बरोदा व फरमाना को उपतहसील बनाया जाएगा। हालांकि, जनगणना प्रक्रिया के चलते 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक रहेगी।

कैबिनेट सब कमेटी के पास अब तक 11 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप तहसील बनाने के प्रस्ताव पहुंच चुके हैं। नए जिलों के प्रस्तावों में करनाल का असंध, अंबाला का नारायणगढ़, गुरुग्राम के मानेसर और पटौदी, कैथल का पिहोवा, हिसार का बरवाला, जींद का सफीदों, सोनीपत का गोहाना और सिरसा का डबवाली शामिल हैं।

वर्तमान में हरियाणा का प्रशासनिक ढांचा छह मंडलों, 23 जिलों, 80 उपमंडलों, 94 तहसीलों, 49 उप तहसीलों, 143 खंडों, 154 कस्बों और 6,841 गांवों से मिलकर बना है।

नए प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए कुछ तय मानदंड भी हैं। उप तहसील के लिए 10 से अधिक गांव, 60 हजार से ज्यादा आबादी और 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल जरूरी है। तहसील के लिए कम से कम 20 गांव, 80 हजार से अधिक जनसंख्या और निर्धारित दूरी की शर्तें लागू हैं। उपमंडल के लिए 40 गांव, ढाई लाख आबादी और जिला मुख्यालय से न्यूनतम दूरी तय की गई है, जबकि जिला बनाने के लिए 125 से 200 गांव, चार लाख जनसंख्या और पर्याप्त क्षेत्रफल होना अनिवार्य है।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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