Gold Silver Price: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं।
चांदी की कीमत 1,500 रुपये बढ़कर 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) तक पहुंच गई। वहीं सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है।
डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में US Dollar Index मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना अन्य मुद्राओं में निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है।
महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिका में जारी ताजा महंगाई के आंकड़ों के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी उन संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं जिन पर ब्याज नहीं मिलता।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं।
चांदी की कीमत 1,500 रुपये बढ़कर 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) तक पहुंच गई। वहीं सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है।
डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में US Dollar Index मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना अन्य मुद्राओं में निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है।
महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिका में जारी ताजा महंगाई के आंकड़ों के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी उन संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं जिन पर ब्याज नहीं मिलता।
मुनाफावसूली से बढ़ी बिकवाली
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमतों में गिरावट आई।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं।
चांदी की कीमत 1,500 रुपये बढ़कर 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) तक पहुंच गई। वहीं सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है।
डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में US Dollar Index मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना अन्य मुद्राओं में निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है।
महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिका में जारी ताजा महंगाई के आंकड़ों के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी उन संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं जिन पर ब्याज नहीं मिलता।
मुनाफावसूली से बढ़ी बिकवाली
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमतों में गिरावट आई।
हालांकि औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी के चलते चांदी की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमतों में गिरावट आई।
हालांकि औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी के चलते चांदी की कीमतों में तेजी बनी हुई है।







