Haryana: हरियाणा सरकार ने NCR में कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए गुरुग्राम फरीदाबाद नोएडा RRTS कोरिडोर को अंतिम मंजूरी दे दी है। इसको लेकर खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दी है। 24 फरवरी को इस प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 15,000 करोड़ रुपए खर्च आएगा।
नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रहने वाले लाखों प्रोफेशनल्स और यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत RRTS कॉरिडोर के फाइनल एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है। लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट दिल्ली को बाईपास करते हुए तीन बड़े औद्योगिक शहरों को सीधे जोड़ेगा। Gurugram Faridabad Noida RRTS Corridor
कैसा होगा कोरिडोर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा ने जानकारी दी है कि इस कोरिडोर की कुल लंबाई 64 किलोमीटर होगी जिसमें से हरियाणा में इसकी लंबाई 52 किलोमीटर की होगी । हरियाणा में इस कोरिडोर में केवल 8 स्टेशन होंगे । इस रुट पर नमो भारत ट्रेन की स्पीड 180 KMPH की होगी जिससे NCR की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
RRTS का रूट और स्टेशन
यह कॉरिडोर गुरुग्राम के IFFCO चौक से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस रुट पर बनने वाले स्टेशन्स के बारे में भी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बताया कि इस रुट पर गुरुग्राम और फरीदाबाद में कुल 8 स्टेशन होंगे जिनमें से गुरुग्राम में इफ्को चौक, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर 52, वजीराबाद, सेक्टर 57, ग्वाल पहाड़ी और फरीदाबाद में बाटा चौक, हनुमान मंदिर/बड़खल एन्क्लेव, बीपीटीपी ब्रिज, अमृता अस्पताल (सेक्टर 88) स्टेशन होंगे।
इसके अलावा नोएडा में नोएडा सेक्टर 168 (FNG एक्सप्रेसवे के पास), सूरजपुर (इंटरचेंज) स्टेशन होंगे। Gurugram Faridabad Noida RRTS Corridor
यह कॉरिडोर गुरुग्राम में दिल्ली-बावल RRTS लाइन से और ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट RRTS लाइन से जुड़ेगा। इससे IGI एयरपोर्ट और जेवर एयरपोर्ट के बीच भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिल जाएगी
घंटो का सफर मिनटों में
वर्तमान में सड़क मार्ग से गुरुग्राम से नोएडा जाने में 2 से 2.5 घंटे तक का समय लगता है, लेकिन नमो भारत ट्रेन के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद मात्र 22 मिनट और गुरुग्राम से नोएडा मात्र 38 मिनट लगेंगे।
इकोनॉमी पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के उन इलाकों में रियल एस्टेट की कीमतें बढ़ेंगी जो अब तक बेहतर कनेक्टिविटी के अभाव में पीछे थे। साथ ही, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी भारी गिरावट आएगी।
कब शुरू होगा काम
NCRTC (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) द्वारा तैयार DPR के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसे पूरा करने के लिए लगभग 4.5 साल का लक्ष्य रखा गया है।







