न्यूजहरियाणामनोरंजनटेकराजनीतिभारतराशिफलखेल

हरियाणा में देश की सबसे अधिक वृद्धावस्था पेंशन, बीजेपी सरकार ने 11 साल में पेंशन में 2200 रुपये की बढ़ोतरी की

On: February 10, 2026 10:10 PM
Follow Us:

चंडीगढ़,10 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेंशन को लेकर विपक्ष भ्रामक प्रचार कर रहा है। जबकि लाभार्थी का पैसा सीधा उस गरीब आदमी के खाते में जाए इस गारंटी के साथ डबल इंजन सरकार काम कर रही है। मोदी सरकार की गारंटी पर देश की जनता को विश्वास है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने तो झूठ की दुकान खोली हुई है और लगातार इसके नेता भ्रामक प्रचार करने में लगे है। कांग्रेसी नेता लगातार बयान दे रहे है कि प्रदेश में दो लाख लोगों की पेंशन काट दी गई है। जबकि सच यह है कि बुजुर्गों का सम्मान करना तो हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इस दौरान सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी बुजुर्गो के हितों की हमेशा बात की है और हमने भी अपने संकल्प पत्र में भी कहा था कि 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को अगर किसी प्रकार की दिक्कत आती है या फिर  उनका स्वास्थ्य खराब होता है, तो उनके इलाज की चिंता उनके परिवार को नहीं करनी। बल्कि ईलाज की चिंता मोदी सरकार और हरियाणा सरकार करेगी। इसी के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गो को 5 लाख रुपये तक का ईलाज मुफ्त दिया जा रहा है।

पंजाब में केवल 1500 रुपये पेंशन:

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर पेंशन केवल मात्र 1500 रुपये दी जा रही है। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को वहां की सरकार ने सब्जबाग दिखाए है कि पेंशन 2500 रुपये कर देंगे, लेकिन किया कुछ नहीं। जबकि बीजेपी सरकार ने जो कहा वो किया, और आज देश में सबसे ज्यादा बुजुर्ग सम्मान राशि हरियाणा में दी जा रही है।

29 services of the HLWB are under the purview of the Right to Service Act.
Haryana : हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को दी बड़ी राहत, 29 सेवाएं अब राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में

विपक्षी उंगली कटवा कर शहीद होना चाहते है:

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस की बात हो या इनेलो की। जब इनकी सरकार थी, तब इन्होंने कुछ नहीं किया। पेंशन में केवल नाम मात्र बढ़ोतरी की गई। पेंशन को लेकर तो इनका हाल ऐसा है कि उंगली कटवाकर खुद को शहीद साबित करने की कोशिश कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने कभी इनकम स्लैब नहीं लगाई, लेकिन इस पर भी आमजन को गुमराह किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इनेलो के पांच साल के शासनकाल में वृद्धावस्था पेंशन में केवल 200 रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसी प्रकार, कांग्रेस के 10 वर्ष के शासनकाल में केवल 700 रुपये की बढ़ोतरी हुई। जबकि वर्तमान बीजेपी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में वृद्धावस्था पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3200 रुपये मासिक की है। इस प्रकार, सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन में सबसे ज्यादा 2200 रुपये की बढ़ोतरी की है। वर्तमान में 20 लाख 31 हजार 367 बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है।

पेंशन काटी नहीं, रोकी गई है: मुख्यमंत्री

 

Getting a FASTag has become easier for car drivers.
कार चालकों को बड़ी राहत, अब FASTag लेना हुआ आसान, NHAI ने किया ये ऐलान

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के 2 लाख लोगों की पेंशन काट दी गई, ऐसा भ्रम फैलाने में विपक्ष जुटा है। जबकि सच्चाई यह है कि जब किसी पेंशन लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो नियमानुसार उसकी पेंशन स्वतः बंद कर दी जाती है। दो लाख मामलों में से लगभग 1 लाख 3 तीन हजार (आधे से भी अधिक) ऐसे लाभार्थी हैं, जिनकी मृत्यु के उपरांत पेंशन बंद की गई है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर, 2024 से रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया पोर्टल में किसी तकनीकी समस्या के कारण प्रदेश सरकार को हरियाणा में मृत हुए व्यक्तियों का डाटा नहीं मिला था। यह डाटा नवंबर, 2025 में प्राप्त होने के बाद एकमुश्त में ऐसे मृतकों की पेंशन कटी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 37 हजार ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें वास्तविक आयु 60 वर्ष से कम थी। लोगों ने डाटाबेस में छेड़छाड़ करके पेंशन स्वीकृत करवा ली थी। इन लाभार्थियों की पेंशन स्थगित कर दी गई है। डाटाबेस में छेड़‌छाड़ करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। यदि ये लोग अपनी आयु 60 वर्ष से अधिक होने का कोई प्रमाण देंगे, तो इनकी पेंशन पुन: शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा करीब 39 हजार मामलों में स्थानीय समिति एवं सेक्टर समिति द्वारा आय आधारित पात्रता का सत्यापन नहीं किया गया था। ऐसे मामलों में आय का प्रमाण दिया जाएगा, तो तुंरत उसका सत्यापन करवाया जाएगा और प्रमाण सही पाए जाने पर पेंशन बहाल कर दी जाएगी।

आय सीमा हमारी सरकार ने नहीं लगाई: सीएम

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन पर आय सीमा प्रदेश की बीजेपी सरकार ने नहीं लगाई। प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन पर पहली बार 10 हजार रुपये वार्षिक आय सीमा 13 अगस्त, 1992 को लगाई गई थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, उस समय वृद्धावस्था पेंशन भी 100 रुपये मासिक थी। उस समय 6 लाख 50 हजार बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता था। इसके बाद पहली नवंबर, 1999 को इनेलो ने अपने कार्यकाल में वृद्धावस्था पेंशन 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये मासिक की। उन्होंने भी 10 हजार रुपये वार्षिक आय सीमा रखी।

उन्होंने कहा कि इनेलो सरकार ने पहली नवंबर, 2004 को वृद्धावस्था पेंशन 200 रुपये से बढ़ाकर 300 मासिक कर दी। परंतु, फिर भी वार्षिक आय सीमा का बंधन न तो हटाया और न बढ़ाया।

Five schools in Chandigarh received bomb threats.
Breaking: चंडीगढ़ के 5 प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च, 2004 में 9 लाख 3 हजार बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता था। इसके बाद, मार्च 2005 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री बने। चार वर्ष बाद उन्होंने पहली मार्च, 2009 को वृद्धावस्था पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये मासिक कर दी। परंतु, उन्होंने भी वार्षिक आय सीमा 10 हजार रुपये ही रखी, यानी उसमें कोई बदलाव नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कांग्रेस सरकार हो और इनेलो की सरकार हो या हुड्डा साहब की पहली सरकार रही हो, सभी की यही सोच थी कि कम से कम लोगों को योजना का लाभ मिले। इसलिए, वर्ष 1992 में निर्धारित वार्षिक आय सीमा को वर्ष 2009 तक 10 हजार रुपये वार्षिक ही रखा गया। वर्ष 2014 के चुनाव को देखते हुए श्री हुड्डा ने इलेक्शन से पहले वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1,000 रुपये मासिक तथा मार्च, 2012 में वार्षिक आय सीमा को 2 लाख रुपये कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने 5 अप्रैल, 2023 को वृद्धावस्था पेंशन के लिए वार्षिक आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की, जो आज भी जारी है। इससे जून, 2023 में वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 17 लाख 98 हजार हो गई। यानी कि वार्षिक आय सीमा बढ़ाने से लगभग 5 लाख 10 हजार नए बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन मिलने लग गई। उन्होंने कहा कि आज वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 20 लाख 31 हजार 367 हो गई है।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment