Breaking : असिस्टेंट डायरेक्टर 5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,10 लाख में हुई थी डील

Published On: February 7, 2026
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Assistant director arrested for accepting a bribe of 5 lakh.

Breaking : बिहार के पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो टीम ने युवा एवं कौशल विकास विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर परमजय सिंह को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी अधिकारी नियोजन भवन परिसर की पार्किंग में अपनी कार के अंदर बैठकर रिश्वत की रकम ले रहा था।

10 लाख घूस की हुई थी मांग

आपको बता दें कि इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि नियोजन भवन परिसर में किसी बड़े अधिकारी द्वारा रिश्वत का लेन-देन होने वाला है। सूचना के अनुसार, सहायक निदेशक परमजय सिंह ने एक विभागीय कार्य को आगे बढ़ाने के बदले 10 लाख रुपये की घूस की मांग की थी। इस सौदे की पहली किस्त के तौर पर पांच लाख रुपये लेने की योजना बनाई गई थी। इसी इनपुट के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक विशेष ट्रैप टीम गठित कर पूरे इलाके में जाल बिछाया।

मौके से नकदी बरामद

डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले से रणनीति तैयार की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही परमजय सिंह नियोजन भवन की पार्किंग में खड़ी अपनी कार में रिश्वत की रकम लेने पहुंचे और उन्होंने पांच लाख रुपये अपने हाथ में लिए, उसी पल निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। मौके से बरामद नकदी को जब्त कर लिया गया और अधिकारी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

इस कार्रवाई के बाद आरोपी सहायक निदेशक ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें फंसाया गया है और यह लेन-देन किसी अन्य उद्देश्य से किया जा रहा था। हालांकि निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं और तकनीकी जांच के बाद ही ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत लेने की पुष्टि हो चुकी है।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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