FASTag को लेकर NHAI की सख्ती, देना पड़ सकता है डबल टोल

Published On: May 4, 2026
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FASTag : हाइवे और एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले FASTag को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त चेतावनी जारी की है। अथॉरिटी ने साफ कहा है कि FASTag के गलत उपयोग से इसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

विंडस्क्रीन पर सही तरीके से लगाना जरूरी

NHAI के अनुसार FASTag को वाहन की विंडस्क्रीन पर सही तरीके से चिपकाना अनिवार्य है और यह स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। अगर टैग सही तरीके से नहीं लगा होगा, तो स्कैनिंग में दिक्कत आ सकती है।

ट्रांसपेरेंट पॉकेट का इस्तेमाल गलत

कई वाहन चालक विंडस्क्रीन पर FASTag चिपकाने के बजाय एक पारदर्शी पॉकेट का उपयोग करते हैं और जरूरत पड़ने पर उसमें टैग रख देते हैं। NHAI ने इस तरीके को पूरी तरह गलत बताया है।

एक टैग का कई वाहनों में उपयोग जोखिम भरा

कुछ लोग FASTag को सफर के बाद निकाल लेते हैं और दूसरी गाड़ी में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। अथॉरिटी के अनुसार यह नियमों का उल्लंघन है और इससे FASTag ब्लैकलिस्ट हो सकता है।

ब्लैकलिस्ट होने पर क्या होगा नुकसान

अगर FASTag ब्लैकलिस्ट हो जाता है या उसमें बैलेंस नहीं होता, तो टोल प्लाजा पर गेट नहीं खुलेगा। ऐसी स्थिति में वाहन चालक को कैश में भुगतान करना पड़ेगा और कई मामलों में दोगुना टोल भी देना पड़ सकता है।

क्या है FASTag?

FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाए गए टैग के जरिए टोल भुगतान को ऑटोमैटिक बना देता है। यह सीधे बैंक या वॉलेट से जुड़ा होता है, जिससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती।

NHAI ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे FASTag को हमेशा सही तरीके से विंडस्क्रीन पर चिपकाकर रखें और किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल से बचें, ताकि यात्रा बिना रुकावट और जुर्माने के पूरी हो सके।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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