Haryana News: हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में एक किसान परिवार ने बछड़े के जन्म को बेटे के जन्म की तरह मनाकर अनोखी मिसाल पेश की है। गांव श्योमपुर में मंगलवार रात बछड़े की ‘छठीं’ के अवसर पर भव्य जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे गांव को आमंत्रित किया गया और सामूहिक भोज का आयोजन भी हुआ।
कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में पहले से उत्साह था। आयोजन से पहले पूरे गांव में पोस्टर लगाए गए और लोगों को आमंत्रित करने के लिए मुनादी भी कराई गई। जागरण के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
आस्था और परंपरा का अनोखा संगम
जानकारी के अनुसार, गांव डोहर निवासी मोहनलाल और विक्की के घर पाली गई गाय ने हाल ही में बछड़े को जन्म दिया। इस खुशी में परिवार ने पारंपरिक तरीके से ‘छठीं’ मनाने का निर्णय लिया। आचार्य आनंद शास्त्री ने बताया कि परिवार ने इस जन्म को शुभ मानते हुए इसे बेटे के जन्म जैसा उत्सव बनाया।
भक्ति में डूबा रहा माहौल
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। भजन संध्या के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और गोमाता की महिमा का गुणगान किया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि देर रात तक श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे।
गो संरक्षण का संदेश
आयोजकों मोहनलाल और विक्की ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गोमाता का विशेष महत्व है और बछड़े का जन्म शुभ माना जाता है। इसी भावना के साथ उन्होंने इस आयोजन के जरिए समाज को गो संरक्षण और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश देने की कोशिश की।
गांव में रहा उत्सव जैसा माहौल
इस अवसर पर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता और सकारात्मक संदेश भी फैलाते हैं।







