Haryana: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, इन श्रमिकों को मिलेंगे 5 लाख रुपये

Published On: April 22, 2026
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Haryana News: हरियाणा सरकार ने न्यूमोकोनियोसिस जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित श्रमिकों के पुनर्वास के लिए नई नीति लागू की है। इस नीति के तहत प्रभावित श्रमिकों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता, पेंशन और अन्य कल्याणकारी लाभ दिए जाएंगे।

5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता

नई नीति के अनुसार, यदि न्यूमोकोनियोसिस डायग्नोसिस बोर्ड द्वारा प्रमाणित श्रमिक की मृत्यु योजना का लाभ लेने से पहले हो जाती है, तो उसके आश्रित को 5 लाख रुपये तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मासिक पेंशन का प्रावधान

सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बायसिनोसिस और बैगासोसिस से पीड़ित श्रमिकों को हर महीने 4,000 रुपये पेंशन दी जाएगी। वहीं, श्रमिक की मृत्यु होने पर आश्रित को 3,500 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।

पुरानी नीति समाप्त, नई अधिसूचना जारी

राज्य सरकार ने 10 साल पुरानी हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति को समाप्त कर नई हरियाणा न्यूमोकोनियोसिस पुनर्वास नीति लागू की है। इस संबंध में श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने अधिसूचना जारी की।

इलाज और अंतिम संस्कार के लिए सहायता

नई नीति के तहत इलाज, मुआवजा और पुनर्वास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मृत्यु के बाद आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये अलग से दिए जाएंगे।

बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता

पीड़ित श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए सालाना आर्थिक मदद दी जाएगी। कक्षा 1 से 5 तक 5,000 रुपये, कक्षा 6 से 8 तक 6,000 रुपये, कक्षा 9-10 को 8,000 रुपये, कक्षा 11-12 को 10,000 रुपये, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक व स्नातकोत्तर को 12,000 रुपये दिए जाएंगे।

शादी के लिए भी आर्थिक सहयोग

नीति में सामाजिक सहायता के तहत लड़कियों की शादी के लिए 51,000 रुपये, लड़कों की शादी के लिए 11,000 रुपये दिए जाएंगे।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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