Longest Railway Route: ये हैं भारत के सबसे लंबे ट्रेन रूट, 60 से 80 घंटे तक चलता है सफर

Published On: April 21, 2026
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Longest Railway Route: भारतीय रेलवे दुनिया के चौथे सबसे बड़े रेल नेटवर्क के रूप में देश की जीवनरेखा मानी जाती है। 69,439 किलोमीटर लंबे इस विशाल नेटवर्क के जरिए देश के छोटे कस्बे भी बड़े महानगरों से जुड़े हुए हैं। हर दिन हजारों ट्रेनें करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं।

भारत में रोजाना करीब 22,593 ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें से 13,452 यात्री ट्रेनें हैं। अनुमान के मुताबिक, हर दिन लगभग 2.5 करोड़ लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। इस नेटवर्क में कुछ ऐसे लंबे रूट भी हैं, जहां यात्रा का समय घंटों नहीं बल्कि कई दिनों तक चलता है।

इन लंबी दूरी के रूटों पर यात्रा आमतौर पर 60 से 80 घंटे तक होती है, यानी लगभग ढाई से चार दिन का सफर। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।

देश का सबसे लंबा ट्रेन रूट डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी के बीच है। यह करीब 4,218 किलोमीटर लंबा सफर है, जिसे विवेक एक्सप्रेस पूरा करती है। यह ट्रेन लगभग 74 से 79 घंटे में यात्रा पूरी करती है और 8 राज्यों से होकर गुजरती है।

दूसरे स्थान पर तिरुवनंतपुरम से सिलचर का रूट आता है, जो करीब 3,917 किलोमीटर लंबा है। इस मार्ग पर अरुणोदय एक्सप्रेस चलती है और यह सफर लगभग 70 घंटे में पूरा होता है।

तीसरे सबसे लंबे रूट में कन्याकुमारी से माता वैष्णो देवी कटरा तक चलने वाली हिमसागर एक्सप्रेस शामिल है। यह ट्रेन लगभग 67 से 68 घंटे में यात्रा पूरी करती है और 12 राज्यों से होकर गुजरती है, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत सीधे जुड़ते हैं।

चौथे स्थान पर मंगलुरु सेंट्रल से माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली नवयुग एक्सप्रेस है। यह लगभग 3,674 किलोमीटर की दूरी 68 से 70 घंटे में तय करती है।

पांचवें सबसे लंबे रूट में अगरतला से बेंगलुरु कैंट तक चलने वाली हमसफर एक्सप्रेस आती है। यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ती है और लगभग 65 से 66 घंटे में यात्रा पूरी करती है।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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