FASTag Annual Pass: NHAI ने हाईवे यूजर्स को फर्जी FASTag Annual Pass सेवाओं से जुड़े बढ़ते ऑनलाइन स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे नकली वेबसाइटों से सावधान रहें, जो असली पोर्टल की तरह दिखकर यूजर्स को ठग रही हैं।
कैसे काम करता है स्कैम?
NHAI के मुताबिक, ठग ऐसी फर्जी वेबसाइट तैयार करते हैं जो बिल्कुल असली FASTag पोर्टल जैसी दिखती हैं। ये साइट्स सर्च इंजन पर ऊपर दिखाई देने के लिए विज्ञापन और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) का सहारा लेती हैं, जिससे यूजर्स आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं।
धोखाधड़ी कैसे होती है?
इन वेबसाइटों पर जाने के बाद यूजर्स से मोबाइल नंबर, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और पेमेंट डिटेल्स मांगी जाती हैं। साइट असली जैसी लगने के बावजूद भुगतान सीधे स्कैमर्स के खाते में चला जाता है। कई मामलों में यूजर्स को या तो कोई कन्फर्मेशन नहीं मिलता या फिर फर्जी रसीद देकर धोखा दिया जाता है।
सरकार की चेतावनी
इससे पहले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने भी ऐसे साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों के अनुसार, ठग डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर हाईवे यूजर्स को निशाना बना रहे हैं और ये स्कैम अब काफी हाई-टेक हो चुके हैं, जिससे असली और नकली वेबसाइट में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे बचें इस स्कैम से
संदिग्ध वेबसाइट दिखने पर तुरंत उसे बंद कर दें।
FASTag से जुड़ी सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे राजमार्ग यात्रा का ही उपयोग करें।
सर्च इंजन पर दिखने वाले स्पॉन्सर्ड लिंक या विज्ञापनों पर क्लिक करने से बचें।
किसी भी वेबसाइट पर जानकारी भरने से पहले उसका URL ध्यान से जांच लें।
OTP, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।









